माँ की नौकरी और 10 करोड़ की जमीन के लालच में बेटी ने रच दी मां की हत्या की साजिश…….

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अनुकंपा नौकरी और 10 करोड़ की जमीन के लालच में बेटी ने रच दी मां की हत्या की साजिश, ताऊ-चचेरे भाई समेत 8 गिरफ्तार

जयपुर, 09 जुलाई 2026।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 24 वर्षीय युवती ने कथित तौर पर अनुकंपा नियुक्ति और करोड़ों रुपये की संपत्ति हासिल करने के लालच में अपनी ही मां की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए युवती, उसके ताऊ, चचेरे भाई और सुपारी किलर सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, एयरपोर्ट कॉलोनी निवासी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा लोअर कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे। करीब एक वर्ष पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके परिवार में पत्नी निरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और एक मानसिक रूप से दिव्यांग बेटा है। पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार परिवार को मिला। बेटी आयुषी स्वयं नौकरी करना चाहती थी, लेकिन परिवार की परिस्थितियों और दिव्यांग बेटे की देखभाल को देखते हुए मां निरज शर्मा ने पति के स्थान पर नौकरी स्वीकार कर ली।

मां के फैसले से नाराज हुई बेटी

पुलिस जांच में सामने आया कि मां के नौकरी करने से आयुषी नाराज हो गई। वह एयरपोर्ट कॉलोनी का घर छोड़कर कल्याण कॉलोनी स्थित पैतृक मकान में रहने लगी, जहां वह अपने चचेरे भाई बलराम के साथ एलएलबी की पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसने कथित रूप से मां की हत्या की योजना बनाई और चचेरे भाई को करोड़ों रुपये की जमीन देने का लालच देकर साजिश में शामिल किया।

10 करोड़ की जमीन और नौकरी का लालच

जांच के मुताबिक, आयुषी ने कहा था कि मां की मौत के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिल जाएगी और परिवार की करोड़ों की संपत्ति भी उसके नाम हो जाएगी। बताया गया कि आगरा रोड स्थित करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की पांच बीघा जमीन और भरतपुर की करीब पांच करोड़ रुपये की चार बीघा जमीन का लालच देकर उसने अपने चचेरे भाई को साथ लिया। इसके बाद दोनों ने यह योजना ताऊ मोहन शर्मा को भी बता दी।

पहले टोटके, फिर हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में मां को घर से बाहर निकालने के लिए नींबू-मिर्च, लाल रंग और अन्य टोना-टोटके जैसी हरकतें की गईं। निरज शर्मा को खतरे का आभास हो गया था। उन्होंने घर में सुरक्षा जाली लगवाई और चार सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए। एक माह पहले भी उन्हें वाहन से कुचलने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह बच गई थीं। इसके बाद उन्होंने घर से निकलना भी कम कर दिया था।

7 लाख रुपये में दी गई सुपारी

आरोप है कि आयुषी ने दोबारा ताऊ से संपर्क कर मां की हत्या का नया प्लान बनवाया। भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा ने सात लाख रुपये में हत्या कराने की जिम्मेदारी ली। उसने हरियाणा नंबर की एक स्कॉर्पियो किराए पर ली और आकाश शर्मा व अरविंद शर्मा को वाहन से कुचलकर हत्या करने की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं रोहित और मोहित को निरज शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखने का काम दिया गया।

फिजियोथैरेपी से लौटते समय कुचलकर हत्या

चार जुलाई को निरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को फिजियोथैरेपी के लिए लेकर गई थीं। इसी दौरान आयुषी ने उन्हें किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर घर बुलाया। लौटते समय पहले से निगरानी कर रहे आरोपियों ने स्कॉर्पियो में बैठे चालक को संकेत दिया। इसके बाद तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क के किनारे पैदल चल रही निरज शर्मा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह करीब 100 मीटर दूर जा गिरीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामा को किया भावुक फोन, लेकिन वहीं से खुलने लगी साजिश

घटना के बाद आयुषी ने रोते हुए अपने मामा को फोन कर बताया कि मां का एक्सीडेंट हो गया है और उनकी मौत हो गई। हालांकि मामा को उसकी बातचीत और हाव-भाव पर संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस से केवल इतना कहा कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

सीसीटीवी फुटेज ने खोली पूरी साजिश

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो मामला दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का निकला। फुटेज में दिखा कि सड़क पूरी तरह खाली थी, फिर भी स्कॉर्पियो ने सीधे निरज शर्मा को निशाना बनाया। कुछ दूरी पर वाहन पहले से खड़ा था और दो युवक अलग-अलग स्थानों पर निगरानी कर रहे थे। हादसे के बाद भी वे घायल महिला की मदद करने के बजाय मौके से फरार हो गए।

एक-एक कर पकड़े गए आरोपी

क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो मिलने के बाद पुलिस वाहन मालिक तक पहुंची। पूछताछ में हेमंत शर्मा का नाम सामने आया। हेमंत से पूछताछ में ताऊ मोहन शर्मा का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस भरतपुर पहुंची, जहां आयुषी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, शुरू में उसने पुलिस को धमकाने की कोशिश की, लेकिन जयपुर लाकर अन्य आरोपियों के सामने पूछताछ करने पर उसने साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने इस मामले में आयुषी शर्मा, उसके ताऊ मोहन शर्मा, चचेरे भाई बलराम, हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, रोहित और मोहित सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

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