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लखनऊ में कार के अंदर मिले दारोगा के शव से सनसनी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
लखनऊ, 18 जुलाई 2026।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहन रोड स्थित अर्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे खड़ी एक सेंट्रो कार से उपनिरीक्षक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान उपनिरीक्षक अजय सिंह (34) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनके सीने पर खून के निशान पाए गए हैं, जिससे उनकी मौत रहस्यमय मानी जा रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मोहन रोड पर अर्थ हॉस्पिटल के सामने एक सेंट्रो कार गुरुवार शाम करीब छह बजे से सड़क किनारे खड़ी थी। शुक्रवार शाम लगभग चार बजे स्थानीय लोगों को कार संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की। कार के अंदर एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला। पुलिस ने शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस की तलाशी के दौरान मृतक की जेब से पहचान पत्र मिला, जिससे उसकी पहचान उपनिरीक्षक अजय सिंह के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार करीब 24 घंटे से लॉक अवस्था में सड़क किनारे खड़ी थी। लंबे समय तक बंद कार में रहने के कारण शव फूल गया था।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। पुलिस ने कार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अजय सिंह आखिरी बार किसके साथ थे और कार वहां कब से खड़ी थी।
बताया गया कि अजय सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के निवासी थे और वर्ष 2020 बैच के उपनिरीक्षक थे। वर्तमान में वह लखनऊ के पारा क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी कोमल और दो पुत्रियां हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
पारा पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।
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