नीरज की स्मृति में सजी अखिल भारतीय काव्य संध्या, देशभर के कवियों ने बांधा समां…….

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नीरज की स्मृति में सजी अखिल भारतीय काव्य संध्या, देशभर के कवियों ने बांधा समां

📍पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने दिया प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश, देर रात तक गूंजती रहीं तालियां

गाजियाबाद, 19 जुलाई 2026।

महाकवि गोपालदास नीरज की साहित्यिक स्मृतियों को समर्पित एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में किया गया। मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति, दिल्ली एवं महाकवि गोपालदास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस काव्य संध्या में देशभर से पहुंचे प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओजस्वी, भावपूर्ण, व्यंग्यात्मक, गीतात्मक और श्रृंगार रस से परिपूर्ण रचनाओं के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि देर रात तक सभागार तालियों की गूंज से मुखरित रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि महाराज, डासना काली देवी मंदिर के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज, पद्मश्री राष्ट्रीय कवि सुरेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय कवि सर्वेश अस्थाना, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, डासना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी महेश श्रीवास्तव, मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति के अध्यक्ष रवींद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष अशोक कौशिक, दैनिक अथाह के संपादक अशोक ओझा तथा गौरव शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन की अध्यक्षता एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने की। उन्होंने सभी आमंत्रित कवियों का स्वागत एवं सम्मान किया, जबकि डॉ. सीता ‘सागर’ ने माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामयी शुरुआत दी।

महाकवि गोपालदास नीरज के सुपुत्र शशांक नीरज ने अपनी ग़ज़लों के माध्यम से पिता की साहित्यिक विरासत को जीवंत किया। कर्नल संजय चतुर्वेदी ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं का पाठ किया, वहीं डॉ. श्लेष गौतम ने त्याग, संस्कार और आदर्शों पर आधारित कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। डॉ. कविता ‘किरण’ ने महाकवि नीरज को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी संवेदनशील रचनाएं प्रस्तुत कीं।

आईएएस अधिकारी एवं कवि पवन कुमार ने अपनी ग़ज़लों से मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया। डॉ. सीता ‘सागर’ ने भावपूर्ण रचनाओं से वातावरण को सरस बनाया। राष्ट्रीय कवि सर्वेश अस्थाना ने अपने तीखे राजनीतिक व्यंग्य से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया, जबकि कवि एवं अधिशासी अधिकारी महेश श्रीवास्तव ने प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। राष्ट्रीय कवि डॉ. विष्णु सक्सैना ने रिश्तों और मानवीय मूल्यों पर आधारित अपनी रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।

कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में पद्मश्री राष्ट्रीय कवि सुरेंद्र शर्मा ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि “देश में मंदिर बनाने से अधिक आवश्यकता देश को ही मंदिर बनाने की है। हमें किसी भी देश से वैर नहीं रखना चाहिए, बल्कि शांति, प्रेम, भाईचारे और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। गरीबी और वैमनस्य को समाप्त करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है।” उनके इस प्रेरणादायी संदेश का उपस्थित साहित्य प्रेमियों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।

इस अवसर पर मान्यता प्राप्त पत्रकार कल्याण समिति एवं महाकवि गोपालदास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से जीडीए सचिव विवेक मिश्र, युग करवट के संपादक सलामत मियां, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नरेंद्र शर्मा, दैनिक अथाह के संपादक अशोक ओझा, वरिष्ठ पत्रकार सुनील यादव, सोनू अरोड़ा, तेजस न्यूज के संपादक तेजेश चौहान सहित अनेक पत्रकारों, साहित्यकारों, समाजसेवियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रही। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में कविता, गीत, ग़ज़ल, व्यंग्य और ओज की विविध प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। महाकवि गोपालदास नीरज की स्मृतियों को समर्पित यह काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द का एक अविस्मरणीय उत्सव बन गई।

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