जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से 11 मौतें: पुंछ में भारी तबाही, भूस्खलन और बाढ़ से हाहाकार, चंबा-केदारनाथ भी प्रभावित…….

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जम्मू-कश्मीर में बादल फटने और भूस्खलन से तबाही, 11 की मौत; पुंछ में एक ही परिवार के 6 सदस्य काल के गाल में समाए, उत्तराखंड में भी यात्रा प्रभावित

श्रीनगर/जम्मू/डलहौजी, 19 जुलाई 2026।

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जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत कई लोगों की जान चली गई। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

प्रशासन के अनुसार, पुंछ के सुरनकोट में भूस्खलन की चपेट में एक मकान आ गया, जिसमें उस समय आठ लोग मौजूद थे। मलबे से दो साल के मासूम सहित पांच लोगों के शव बरामद किए गए। वहीं हवेली क्षेत्र में भी एक व्यक्ति की मौत हुई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। मंडी क्षेत्र में भी भारी बारिश से संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

दूसरी ओर, किश्तवाड़ के सुर्नू इलाके में बादल फटने से घरों, खेतों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा। राजौरी जिले में धारहाल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से हालात गंभीर हो गए और तेज बहाव में करीब 200 से 250 वाहन बह जाने की सूचना है।

निचले इलाकों में पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हैं और कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नौकाओं और हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।

हिमाचल के चंबा में भी भारी भूस्खलन

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भटियात क्षेत्र में लाहडू-सिंहुंता सड़क पर भारी भूस्खलन हुआ। लगातार बारिश के बीच पूरा पहाड़ सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। यह मार्ग धर्मशाला, चंबा और डलहौजी को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है।

उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा प्रभावित

लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते उत्तराखंड में भी हालात बिगड़ गए हैं। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं, जबकि कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकला एक जत्था भी सुरक्षा कारणों से रास्ते में रोक दिया गया है।

केंद्र सरकार ने दिया हर संभव सहायता का भरोसा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, घायलों के उपचार, लापता लोगों की तलाश, मुआवजा और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र ने अतिरिक्त संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया है।

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