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तमिलनाडु में छात्रों को प्रदर्शन से रोकने वाला आदेश वापस, विजय सरकार के फैसले पर मचा था विवाद
चेन्नई, तमिलनाडु | 19 अगस्त 2026
तमिलनाडु की थलपति विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने स्कूल-कॉलेज के छात्रों और युवाओं को लेफ्ट दलों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने संबंधी विवादित निर्देश को वापस ले लिया है। सरकार की ओर से यह आदेश 14 अगस्त को जारी किया गया था, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में इसकी जमकर चर्चा हुई।
क्या था सरकार का आदेश?
सरकारी निर्देश में स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपस में समन्वय कर स्कूल-कॉलेज के छात्रों तथा युवाओं को लेफ्ट दलों और CJP की ओर से आयोजित विरोध-प्रदर्शनों एवं आंदोलन कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने के लिए उचित कदम उठाने को कहा गया था। अधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई थी।
17 अगस्त को कॉलेजिएट शिक्षा आयुक्त की ओर से सरकारी कला एवं विज्ञान महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। पत्र में पुलिस और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर छात्रों और युवाओं की ऐसे प्रदर्शनों में भागीदारी रोकने की बात कही गई थी।
आदेश पर क्यों हुआ विवाद?
सरकार के इस कदम की CJP ने कड़ी आलोचना की और इसे असंवैधानिक, अतार्किक तथा अनुचित बताया। दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने सरकार के निर्देश का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखना उनके हित में है।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया जब परीक्षा व्यवस्था और NEET से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों और युवाओं के आंदोलन चर्चा में रहे हैं।
विजय सरकार ने वापस लिया आदेश
विवाद बढ़ने के बाद तमिलनाडु सरकार ने 19 अगस्त को इस निर्देश को वापस ले लिया। यानी फिलहाल छात्रों को CJP या लेफ्ट दलों के प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला यह विशेष सरकारी निर्देश प्रभावी नहीं है।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार का मूल निर्देश केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें पुलिस और जिला प्रशासन को भी समन्वित कार्रवाई के लिए कहा गया था।
छात्र राजनीति और अधिकारों को लेकर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों को राजनीतिक गतिविधियों से कितना दूर रखा जाना चाहिए और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन में उनकी भागीदारी को लेकर सरकार की भूमिका क्या होनी चाहिए।
फिलहाल सबसे बड़ा अपडेट यही है कि विजय सरकार ने छात्रों को CJP और लेफ्ट के प्रदर्शनों से रोकने वाला अपना विवादित आदेश वापस ले लिया है।
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