तालाब में रहने को मजबूर था इकबाल, अनंत अंबानी की पहल से मुंबई में शुरू हुआ इलाज…….

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पांच साल से तालाब में रहने को मजबूर था इकबाल, अनंत अंबानी की पहल से मुंबई में शुरू हुआ इलाज

मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल | 21 अगस्त 2026

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी किशोर इकबाल की जिंदगी में अब उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है। एक रहस्यमयी चिकित्सकीय समस्या के चलते वह करीब पांच वर्षों से अपना अधिकांश समय तालाब के पानी में बिताने को मजबूर था। पानी से बाहर निकलते ही पूरे शरीर में तेज जलन होने की शिकायत के कारण वह घंटों पानी में रहता था। अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी की पहल पर इकबाल को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां उसे सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तालाब में बैठकर खाना खाने का वीडियो हुआ वायरल

इकबाल की असामान्य स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला तेजी से लोगों के बीच चर्चा में आया। वीडियो में किशोर तालाब के पानी में बैठकर नाश्ता करता दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इकबाल सुबह से लेकर देर रात तक तालाब या दूसरे जलस्रोतों में रहता था और कभी-कभी एक तालाब से दूसरे तालाब तक जाता था।

इकबाल का कहना था कि जैसे ही वह पानी से बाहर आता है, उसके शरीर में तेज और असहनीय जलन शुरू हो जाती है। पानी में रहने पर उसे कुछ राहत महसूस होती थी, इसलिए धीरे-धीरे तालाब ही उसके लिए रहने की जगह बन गया।

आर्थिक परेशानी के कारण लंबे इलाज में आई दिक्कत

रिपोर्टों के अनुसार, इकबाल के परिवार ने पहले भी उसका इलाज कराने की कोशिश की थी, लेकिन समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह लंबे समय तक महंगा इलाज करा सके। इसके बाद परिवार की परेशानी और इकबाल की स्थिति सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंची।

मामला सामने आने के बाद चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने भी उसकी स्थिति को गंभीरता से लिया और आगे विस्तृत जांच की जरूरत बताई।

अनंत अंबानी की पहल पर एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया

इकबाल की कहानी सामने आने के बाद अनंत अंबानी ने उसकी मदद के लिए पहल की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी ओर से की गई व्यवस्था के तहत इकबाल को पश्चिम बंगाल से एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया।

इसके बाद उसे सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति की विस्तृत मेडिकल जांच कर रही है। जांच के परिणामों के आधार पर आगे के उपचार की दिशा तय की जाएगी।

पानी में रहने से मिलती थी राहत, लेकिन इससे बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

इकबाल लंबे समय तक पानी में रहने के कारण राहत महसूस करता था, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार लगातार पानी में रहना अपने आप में स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। लंबे समय तक त्वचा के पानी के संपर्क में रहने से त्वचा की बाहरी परत नरम और कमजोर हो सकती है, जिससे जलन, दरार और संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है। लगातार नमी के कारण फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

हालांकि, इकबाल को आखिर किस बीमारी या चिकित्सकीय समस्या के कारण पानी से बाहर निकलते ही इतनी तेज जलन होती है, इसका अंतिम कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच के बाद ही उसकी बीमारी का सही निदान सामने आने की उम्मीद है।

अलौकिक शक्ति की बात भी करता था किशोर

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इकबाल ने अपनी परेशानी बताते हुए कभी-कभी ऐसा महसूस होने की बात भी कही थी कि जैसे कोई अलौकिक शक्ति उसके ऊपर हावी हो रही हो। हालांकि, चिकित्सकीय विशेषज्ञ इस तरह की बातों के बजाय उसकी शारीरिक समस्या की मेडिकल जांच पर जोर दे रहे हैं।

फिलहाल मुंबई के विशेषज्ञ अस्पताल में उसका इलाज शुरू हो चुका है। करीब पांच साल तक तालाब के पानी में रहने को मजबूर रहे इकबाल और उसके परिवार के लिए यह मदद किसी नई जिंदगी की शुरुआत जैसी है। अब उम्मीद है कि विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी समस्या की असली वजह का पता लगाकर ऐसा उपचार उपलब्ध करा सकेंगे, जिससे वह पानी से बाहर सामान्य जीवन जी सके।

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