Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

लोन देने के नाम पर अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार
बस्ती, 27 अगस्त 2026।
आसान लोन देने के नाम पर लोगों के मोबाइल फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस लेकर उनकी तस्वीरों को अश्लील रूप में एडिट करने और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करने वाले अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का बस्ती पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सात मोबाइल फोन, सात नए फर्जी सिम कार्ड और तीन मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बृजानन्द सिंह और साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक शेषनाथ गोंड की संयुक्त टीम ने प्रतिबिंब पोर्टल की जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर 27 अगस्त को धोबी घाट अमहट से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल सिंह (19) निवासी मनिकारपुर थाना हरैया, गौरव सिंह (18), अफरोज (19) दोनों निवासी पिकौरा थाना पैकोलिया और प्रद्युम्न चौरसिया (25) निवासी कलवारी मुस्तकहम के रूप में हुई है।
व्हाट्सऐप-टेलीग्राम से भेजते थे लोन का लिंक
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए लोगों को आसान लोन देने का झांसा देते थे। इसके लिए उन्हें एक लिंक भेजा जाता था। लिंक के जरिए मोबाइल फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस हासिल करने के बाद आरोपियों द्वारा तस्वीरों को PicsArt ऐप की मदद से एडिट कर अश्लील बनाया जाता था।
इसके बाद फर्जी सिम कार्ड से पीड़ितों को फोन कर तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी जाती थी और उनसे रकम की मांग की जाती थी। बदनामी के डर से पीड़ितों से धन की वसूली की जाती थी।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार अब तक की जांच में महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से संबंधित 12 शिकायतें एनसीसीआरपी पोर्टल पर सामने आई हैं। इन मामलों में लोन के नाम पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर कुल 35,725 रुपये की वसूली किए जाने की जानकारी मिली है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनके गिरोह द्वारा अब तक करीब 12 से 15 लाख रुपये की जबरन वसूली की जा चुकी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और देश के विभिन्न राज्यों में इसके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाला भी गिरफ्तार
पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले प्रद्युम्न चौरसिया को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वह इससे पहले गिरोह के सदस्यों को 30 से 40 सिम कार्ड उपलब्ध करा चुका था। साइबर ठगी की शिकायत के बाद सिम बंद हो जाने पर आरोपी नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपनी पहचान छिपाने के लिए वे दूसरे लोगों के नाम-पते पर जारी फर्जी सिम का इस्तेमाल करते थे। नए सिम उपलब्ध कराने के लिए प्रद्युम्न को मनमानी कीमत दी जाती थी।
तीन आरोपी अभी वांछित
मामले में लकी सिंह निवासी पिकौरा थाना पैकोलिया, अश्वनी सिंह निवासी मनिकारपुर थाना हरैया और पीयूष सिंह निवासी पिकौरा थाना पैकोलिया को पुलिस ने वांछित किया है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है।
सात मोबाइल और तीन मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन, एक वीवो, एक आईक्यूओओ, दो सैमसंग और एक नथिंग फोन समेत सात मोबाइल बरामद किए हैं। इसके अलावा वोडाफोन कंपनी के सात नए सिम कार्ड और तीन मोटरसाइकिल भी बरामद हुई हैं।
पुलिस ने मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 372/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66सी व 66डी तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 42(3)ई के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
बस्ती पुलिस ने लोगों से अपील की है कि आसान लोन के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक या ऐप पर क्लिक न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने मोबाइल की गैलरी, कॉन्टैक्ट या अन्य निजी जानकारी का एक्सेस न दें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या cybercrime.gov.in पर शिकायत करने की अपील की गई है।
NGV PRAKASH NEWS