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‘छुट्टी मिल जाती तो शायद केसरी आज जिंदा होतीं’—महिला आरक्षी की मौत के बाद पति ने उठाए सवाल, एसपी कार्यालय में छुट्टी न मिलने का लगाया आरोप
बस्ती| 29 अगस्त 2026
एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी, सिर में लगी चोट, छुट्टी के लिए कथित तौर पर की गई गुहार और फिर अचानक हुई मौत… महिला आरक्षी केसरी वर्मा की मौत ने पुलिस महकमे की अवकाश और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्नी की मौत के बाद उनके पति और साथी पुलिसकर्मी नागेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि समय रहते इलाज और आराम के लिए छुट्टी मिल जाती तो शायद केसरी की जान बच सकती थी।
30 वर्षीय केसरी वर्मा लालगंज थाने में तैनात थीं। शनिवार तड़के अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। पति और साथी पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
सिर में चोट लगी थी, चार टांके भी आए थे
परिजनों और पुलिसकर्मियों के मुताबिक कुछ दिन पहले छुट्टी के दौरान प्रतापगढ़ जाते समय केसरी हादसे का शिकार हो गई थीं। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। प्रतापगढ़ में उपचार के दौरान डॉक्टरों ने सिर में चार टांके लगाए थे। इलाज के बाद वह बस्ती लौटीं और ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी।
बताया जा रहा है कि चोट के बावजूद उनका उपचार जारी था और उन्हें आराम की जरूरत थी।
27 अगस्त को छुट्टी मांगने एसपी कार्यालय पहुंचीं थीं
केसरी के पति नागेंद्र वर्मा का आरोप है कि चोट के बाद इलाज के लिए छुट्टी की आवश्यकता थी। इसी सिलसिले में 27 अगस्त को केसरी एसपी कार्यालय पहुंचीं थीं। उनके मुताबिक छुट्टी के आवेदन के साथ मेडिकल रिपोर्ट और सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी लगाई गई थी।
नागेंद्र का आरोप है कि एसपी कार्यालय में मौजूद दो कर्मचारियों ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया। कथित तौर पर उनसे कहा गया कि ईएल नहीं मिलेगा और मेडिकल लीव भी नहीं दी जाएगी।
पति का कहना है कि यदि उस समय केसरी को चिकित्सकीय आधार पर अवकाश मिल जाता तो वह घर पर रहकर अपना इलाज करा सकती थीं।
सुबह चार बजे बिगड़ी हालत, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
शनिवार सुबह करीब चार बजे अचानक केसरी की तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर देख नागेंद्र और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं।
महिला आरक्षी की अचानक मौत की खबर से पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम हाउस पर फूट पड़ा पति का दर्द
पत्नी की मौत से टूट चुके नागेंद्र पोस्टमार्टम हाउस पर फूट-फूटकर रोते रहे। उन्होंने लालगंज थाने के एसओ को लिखित तहरीर देकर एसपी कार्यालय के दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर सीओ रुचौली अनिल सिंह, सीओ हरैया स्वर्णिमा सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी पहुंचे और नागेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह कार्रवाई और एफआईआर की मांग पर अड़े रहे।
मौत के बाद उठता सबसे बड़ा सवाल
केसरी वर्मा वर्ष 2018 बैच की आरक्षी थीं और मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली थीं। करीब दो वर्ष पहले उनकी शादी वर्ष 2020 बैच के आरक्षी नागेंद्र वर्मा से हुई थी। दोनों वर्तमान में लालगंज थाने में तैनात थे और बनकटी कस्बे में किराये के मकान में रह रहे थे।
अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि यदि केसरी के पास सिर की चोट से संबंधित मेडिकल दस्तावेज और सीटी स्कैन की रिपोर्ट थी, तो उन्हें चिकित्सकीय अवकाश क्यों नहीं मिला?
हालांकि छुट्टी न मिलने और मौत के बीच सीधे तौर पर कोई चिकित्सकीय संबंध था या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पति द्वारा लगाए गए आरोप भी जांच का विषय हैं। लेकिन एक महिला पुलिसकर्मी की मौत के बाद उठे ये सवाल विभाग की पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, मेडिकल अवकाश और मानवीय परिस्थितियों में छुट्टी देने की व्यवस्था पर गंभीर बहस जरूर खड़ी करते हैं।
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