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वाल्टरगंज थानेदार की मौत का रहस्य गहराया, सात दिन बाद FIR; बेटे ने तीन लोगों पर ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप, जांच की सुई महिला की ओर भी
बस्ती 6 सितम्बर 2026।
वाल्टरगंज थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह की 29 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। घटना के सात दिन बाद पुलिस ने मृतक के बेटे संदीप सिंह की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर एक महिला के संपर्क में होने का पहलू भी जांच के दायरे में आ गया है। हालांकि महिला की भूमिका को लेकर अभी पुलिस की जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना बाकी है।
संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पिता को नामजद तीनों लोग लगातार ब्लैकमेल करने के साथ मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप है कि इसी दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को आत्महत्या जैसा कदम उठाया। घटना के बाद परिवार ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
अप्रैल से वाल्टरगंज में तैनात थे सूर्य प्रकाश सिंह
संदीप सिंह के मुताबिक, सूर्य प्रकाश सिंह अप्रैल 2026 से वाल्टरगंज थाने में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। 29 अगस्त को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद से ही पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने उनके सरकारी और निजी मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लेकर तकनीकी जांच भी शुरू की।
तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा
संदीप सिंह की तहरीर पर पुलिस ने प्रियंका चौधरी पत्नी हरेंन्द्र चौधरी निवासी वावनपार, थाना पैकोलिया, हाल पता गंधार थाना वाल्टरगंज, रानयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी निवासी गंधार तथा विजय प्रकाश पुत्र रतरा निवासी पिपरा काजी, थाना पैकोलिया को नामजद किया है।
पुलिस ने 5 सितंबर की रात 11:56 बजे मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक जयविंद कुमार यादव को सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका और उनके साथ सूर्य प्रकाश सिंह के संबंधों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
जांच में महिला के संपर्क का पहलू भी सामने आया
इधर, पुलिस की तकनीकी जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि घटना से पहले सूर्य प्रकाश सिंह ने कुछ चुनिंदा नंबरों पर बातचीत की थी या संपर्क करने का प्रयास किया था। इनमें एक महिला का नंबर भी जांच के विशेष दायरे में बताया जा रहा है। महिला का संबंध पुलिस या सूर्य प्रकाश सिंह के परिवार से नहीं बताया जा रहा है।
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि घटना से पहले हुई बातचीत और संपर्क का सूर्य प्रकाश सिंह की मानसिक स्थिति से कोई संबंध था या नहीं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
वाट्सऐप स्टेटस ने भी बढ़ाए सवाल
घटना से ठीक पहले सूर्य प्रकाश सिंह के वाट्सऐप स्टेटस पर लिखा संदेश—“धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं”—भी जांच के दौरान चर्चा में है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह संदेश सामान्य था या उनके उस समय के मानसिक तनाव और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ा कोई संकेत।
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से कई टीमों को जांच में लगाया गया है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सीडीआर, मोबाइल फोन और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस को फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट का भी इंतजार है।
फिलहाल पुलिस ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना, व्यक्तिगत संबंधों और घटना से पहले हुए संपर्कों समेत हर पहलू को जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसमें किसकी भूमिका थी।
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