दिव्यांग महिलाओं को मिलेंगे को मिलेगें 4500 रुपये…….

NGV PRAKASH NEWS

दिव्यांग महिलाओं को अब हर महीने मिलेंगे 4,500 रुपये, सामाजिक सुरक्षा भत्ते में बढ़ोतरी

कोलकाता, 8 सितंबर 2026। पश्चिम बंगाल सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए बढ़ी हुई दर पर भत्ते के वितरण की औपचारिक शुरुआत की है। राज्य सरकार ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग भत्ते की राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दी है।

राज्य सचिवालय नवान्न सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि 25 से 60 वर्ष की दिव्यांग महिलाओं को अब हर महीने कुल 4,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसमें 1,500 रुपये दिव्यांग भत्ते के रूप में और 3,000 रुपये अन्नपूर्णा योजना के तहत दिए जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की करीब 1.24 लाख दिव्यांग महिलाओं को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग भत्ते की बढ़ी हुई राशि के तहत 82 लाख 5 हजार 919 लाभार्थियों के बैंक खातों में सोमवार को सीधे धनराशि हस्तांतरित की गई। सरकार के अनुसार, इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर सालाना करीब 14,771 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

योजनाओं को आपस में जोड़कर बढ़ाया जाएगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आपस में जोड़कर जरूरतमंद लोगों को उनकी पात्रता और जरूरत के अनुसार एक से अधिक योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इससे पात्र लाभार्थियों को अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग भत्ता योजना में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग भत्ता प्राप्त करने के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आई हैं। इसलिए लाभार्थियों की सूची का सत्यापन कराया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य अपात्र और फर्जी लाभार्थियों को सूची से हटाकर बची हुई राशि का इस्तेमाल वास्तविक पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ने में करना है। प्रशासन की ओर से लाभार्थियों के आंकड़ों की शुद्धता और प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है।

पुरानी प्रतीक्षा सूची होगी समाप्त

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत पिछली सरकार के समय प्राप्त आवेदनों की सभी पुरानी प्रतीक्षा सूचियों को रद करने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुरानी प्रतीक्षा सूची में कई अनियमितताएं थीं। अब पात्र लाभार्थियों का नए सिरे से चयन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनकल्याण शिविर और ‘आपका सरकार आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की जमीनी स्तर पर जांच की जाएगी। नवंबर या दिसंबर के अंत में ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित कर नए आवेदन भी लिए जाएंगे।

राजस्व चोरी पर रोक से आय बढ़ने का दावा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर वित्तीय अनुशासन नहीं बरतने और राजस्व में भारी नुकसान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने में अभी कम से कम एक वर्ष और लग सकता है। उनका दावा है कि राजस्व चोरी पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य की आय में करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *