मुहचोरवा घाट हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: अवैध संबंध, घरेलू विवाद और 1.10 लाख रुपये की सुपारी ने रची हत्या की साजिश…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

मुहचोरवा घाट हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: अवैध संबंध, घरेलू विवाद और 1.10 लाख रुपये की सुपारी ने रची हत्या की साजिश

सिद्धार्थनगर, 08 सितंबर 2026।

ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मुहचोरवा घाट पर हुई हरिश्चन्द्र की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी माया देवी ने अपने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। हत्या के लिए 1.10 लाख रुपये देने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त 2026 की रात बुढ़ी राप्ती नदी के मुहचोरवा घाट, रामनगर के पास हरिश्चन्द्र पुत्र स्व. रामगुलाम, निवासी कपियवा, थाना इटवा की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। इसके बाद उसके ई-रिक्शा को इस तरह नदी की ओर लटका दिया गया, ताकि पूरी घटना पहली नजर में दुर्घटना लगे। मामले में थाना ढेबरुआ पर मुकदमा अपराध संख्या 120/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के नेतृत्व में थाना ढेबरुआ पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम को खुलासे के लिए लगाया गया था।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से खुली साजिश

पुलिस के मुताबिक, 08 सितंबर 2026 को एसओजी प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय और थानाध्यक्ष ढेबरुआ चन्द्रकान्त पाण्डेय की टीम बढ़नी कस्बे के पचपेड़वा तिराहा पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल इरशाद अपने दो साथियों के साथ दुधवनिया बुजुर्ग नहर के रास्ते धनौरा की ओर जाने वाला है।

सूचना पर पुलिस ने दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की ओर जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। आरोपियों की निशानदेही पर मुहचोरवा घाट से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया।

इसके बाद सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में इरशाद, अब्दुल्ला, नियाज अहमद और माया देवी को नामजद करते हुए धारा 61(2), 3(5) और 238 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।

प्रेम संबंध और घरेलू विवाद बना हत्या की वजह

पुलिस की पूछताछ के अनुसार, मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया देवी के नियाज अहमद से कथित अवैध संबंध थे। पुलिस का दावा है कि नियाज अहमद माया देवी का खर्च भी चलाता था।

पुलिस के मुताबिक, हरिश्चन्द्र शराब का सेवन करता था और नशे में पत्नी के साथ मारपीट करता था। इससे परेशान माया देवी अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। बताया गया कि वह कई महीनों से नियाज अहमद पर हरिश्चन्द्र की हत्या कराने का दबाव बना रही थी।

इसी दबाव के बाद नियाज अहमद ने हत्या की योजना बनाई और हत्या के लिए आरोपियों को कुल 1.10 लाख रुपये देने की बात तय हुई। योजना के तहत हरिश्चन्द्र को मुहचोरवा घाट के पास ले जाया गया, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद दुर्घटना का रूप देने की कोशिश

हत्या के बाद पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए शव को बुढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद ई-रिक्शा को नदी की ओर इस तरह लटका दिया गया, जिससे घटना प्रथम दृष्टया दुर्घटना जैसी दिखाई दे।

पुलिस जांच में मृतक की पत्नी माया देवी की कथित भूमिका भी सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह इस हत्याकांड में अब तक कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपी

  1. इरशाद, पुत्र मुनीर, निवासी ग्राम कपिया, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 30 वर्ष।
  2. अब्दुल्ला, पुत्र कमाल अहमद, निवासी ग्राम रमवापुर उर्फ विशुनपुर, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 24 वर्ष।
  3. नियाज अहमद, पुत्र रौआब अली, निवासी ग्राम कपिया, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 30 वर्ष।
  4. माया देवी, पत्नी मृतक हरिश्चन्द्र अग्रहरि, निवासी ग्राम कपियवा, थाना इटवा, सिद्धार्थनगर, उम्र करीब 35 वर्ष।

यह सामान हुआ बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक चाकू (आलाकत्ल), छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, 600 रुपये नकद और एयर इंडिया का एक टिकट बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है। हत्याकांड का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर की ओर से 20 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया गया है।

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