साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति का पुलिस ने वापस कराया 2 लाख 38 हजार…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिली 2.38 लाख रुपये की रकम, सिद्धार्थनगर साइबर क्राइम थाना टीम की कार्रवाई

सिद्धार्थनगर, 12 सितंबर 2026।

साइबर अपराधियों द्वारा यूपीआई के माध्यम से ठगी गई 2 लाख 38 हजार रुपये की पूरी धनराशि साइबर क्राइम थाना सिद्धार्थनगर की टीम ने बैंक के समन्वय से पीड़ित के खाते में वापस करा दी। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस टीम के प्रति आभार जताते हुए उनके कार्य की सराहना की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के क्रम में साइबर अपराध एवं साइबर क्राइम रिकवरी/लीन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी अपराध रोहिणी यादव के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम थाना श्यामसुंदर तिवारी के नेतृत्व में टीम ने बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी की रकम को वापस कराने की प्रक्रिया पूरी की।

पुलिस के अनुसार थाना चिल्हिया क्षेत्र के करौदा नानकार निवासी देवप्रयाग मिश्रा के खाते से 19 अगस्त 2026 को साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से लिंक भेजकर 2,38,000 रुपये की धोखाधड़ी कर ली थी। घटना की जानकारी होते ही पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर साइबर क्राइम थाना सिद्धार्थनगर की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और बैंक के समन्वय से ठगी की रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया के बाद 12 सितंबर 2026 को पूरी धनराशि 2,38,000 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दी।

रकम वापस मिलने पर देवप्रयाग मिश्रा ने साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के मुताबिक घटना की सूचना जितनी जल्दी दी जाती है, ठगी गई रकम को वापस कराने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।

पुलिस ने नागरिकों को अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, बैंक खाता संख्या, पासवर्ड, पिन, ओटीपी एवं अन्य निजी जानकारी किसी से साझा नहीं करने की सलाह दी है। सिम ब्लॉक या एक्सपायर होने संबंधी संदिग्ध संदेश मिलने पर उसमें दिए गए नंबरों पर संपर्क न करने तथा कैश रिवार्ड या अन्य किसी लालच में अज्ञात व्यक्ति के बताए निर्देशों का पालन न करने की भी अपील की गई है। ऑनलाइन बैंकिंग के लिए सार्वजनिक या मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल नहीं करने और किसी वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने से पहले उसके वेब पते की सत्यता जांचने की सलाह भी पुलिस ने दी है।

धनराशि वापस कराने वाली साइबर पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक श्यामसुंदर तिवारी, मुख्य आरक्षी दिलीप कुमार द्विवेदी, आरक्षी रामप्रवेश यादव, आशुतोष जायसवाल, आरक्षी विशाल तिवारी, महिला आरक्षी पूजा यादव एवं महिला आरक्षी प्रियंका शामिल रहे। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी सहायता के लिए साइबर क्राइम सेल सिद्धार्थनगर के मोबाइल नंबर 7839868056 पर संपर्क किया जा सकता है।

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