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यशवंत हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: दो बहनों को परेशान करने के आरोप में पांच लोगों ने मिलकर की हत्या, दो गिरफ्तार
बस्ती, 12 सितंबर 2026।
नगर थाना क्षेत्र के खड़ौवा खुर्द निवासी यशवंत कुमार पुत्र ओमप्रकाश की हत्या के मामले में वाल्टरगंज पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार यशवंत द्वारा दो सगी बहनों को फोन और अन्य माध्यमों से परेशान किए जाने से नाराज होकर पांच लोगों ने उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने यशवंत को कप्तानगंज थाना क्षेत्र में बुलाकर गन्ने के खेत के पास ले जाकर कथित तौर पर गला दबाकर और सीने पर चढ़कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल पर लादकर वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में धमौरा के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया, जबकि यशवंत की बाइक को दुबौलिया थाना क्षेत्र में छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने मामले में रामललित चौधरी पुत्र स्वर्गीय हरिशंकर वर्मा निवासी पनेराभारी, थाना हरैया, उम्र करीब 29 वर्ष तथा सोना देवी पत्नी स्वर्गीय श्रीपत निवासी कौड़ीकोल, थाना कप्तानगंज, उम्र करीब 55 वर्ष को 12 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10:20 बजे अमहट से हाईवे की ओर जाने वाले मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। दोनों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय बस्ती भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार हत्या में शामिल तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ड्यूटी से लौटने के बाद घर नहीं पहुंचा था यशवंत
मामले की शुरुआत 8 सितंबर की शाम से हुई। पुलिस के मुताबिक यशवंत कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम, निर्माण इकाई गोरखपुर में संविदा पर नौकरी करता था। वह प्रतिदिन की तरह 8 सितंबर को अपनी मोटरसाइकिल संख्या UP51BW6513 से ड्यूटी पर गया था। उसके साथ उसके मामा का लड़का अंकित कुमार भी था। दोनों ड्यूटी समाप्त होने के बाद शाम करीब 7:30 बजे नगर बाजार पहुंचे। नगर बाजार से अंकित अपनी मोटरसाइकिल से घर चला गया, लेकिन यशवंत अपने घर नहीं पहुंचा।
परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 9 सितंबर को यशवंत की मोटरसाइकिल थाना दुबौलिया क्षेत्र के बैरागल के किनारे पड़ी मिली। इसी बीच वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में धमौरा के पास सड़क किनारे एक शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों को जानकारी हुई तो यशवंत के बाबा देवनारायण ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान की। इसके बाद अज्ञात लोगों द्वारा यशवंत की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को वाल्टरगंज क्षेत्र में फेंकने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई।
तहरीर के आधार पर 11 सितंबर 2026 को थाना वाल्टरगंज में मु0अ0सं0 208/26, धारा 103(1), 238(a) बीएनएस के तहत अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके बाद वाल्टरगंज पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया।
पूछताछ में सामने आई हत्या की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रामललित चौधरी से पूछताछ में हत्या की पूरी कहानी सामने आई। उसके मुताबिक वह सोना देवी की बेटी रीमा से प्रेम करता है और इसी वजह से सोना देवी के घर आता-जाता था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि सोना देवी ने उसे बताया था कि उसकी बहन की बेटी गुड़िया को यशवंत परेशान करता था। आरोप है कि यशवंत ने गुड़िया को शराब पिलाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था और उसी वीडियो को दिखाकर उसे ब्लैकमेल करते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी बताया गया कि गुड़िया इस कथित उत्पीड़न से परेशान थी और उसकी शादी में भी अड़चन आ रही थी। आरोप है कि जहां भी उसका रिश्ता तय होता, यशवंत वहां जाकर रिश्ता तुड़वा देता था। इसी बात को लेकर आरोपियों में यशवंत के प्रति गहरा आक्रोश था और उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक योजना के तहत यशवंत को फोन करके बुलाया गया। इसके बाद गुड़िया और शीला उसे घर से करीब 300 मीटर दूर गन्ने के खेत के पास ले गईं। पीछे से रामललित, सोना देवी और रीमा भी वहां पहुंच गए। पुलिस के अनुसार वहां सभी आरोपियों के एकत्र होने के बाद रीमा ने पीछे से यशवंत का कॉलर पकड़कर उसे खींच दिया, जिससे वह जमीन पर पीठ के बल गिर गया।
इसके बाद आरोप है कि सोना देवी, गुड़िया, शीला और रीमा ने यशवंत को पकड़ लिया, ताकि वह बचकर भाग न सके। पुलिस के मुताबिक रामललित और रीमा ने उसका गला दबाया, जबकि सोना देवी, गुड़िया और शीला ने उसके सीने पर चढ़कर लात से दबाया। कुछ ही देर में यशवंत की मौत हो गई।
शव को मोटरसाइकिल पर लादकर वाल्टरगंज में फेंका
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पूछताछ में रामललित ने बताया कि वह और रीमा यशवंत की मोटरसाइकिल लेकर निकले। यशवंत के शव को मोटरसाइकिल के बीच में रखकर रामललित बाइक चलाने लगा, जबकि रीमा पीछे बैठकर शव को पकड़कर रखे हुए थी।
आरोपी के कथित बयान के अनुसार दोनों छिपते-छिपाते गौरा से आगे धमौरा गांव से पहले नहर के पास सड़क किनारे पहुंचे और वहां यशवंत का शव छोड़ दिया। इसके बाद दोनों उसी मोटरसाइकिल से पड़िया चौराहा होते हुए कप्तानगंज पहुंचे और कौड़ीकोल स्थित सोना देवी के घर पहुंचे। वहां यशवंत की मोटरसाइकिल और रीमा को छोड़कर रामललित अपनी मोटरसाइकिल से अपने घर चला गया।
इस घटनाक्रम में एक तरफ यशवंत का शव वाल्टरगंज थाना क्षेत्र में मिला, जबकि उसकी बाइक दुबौलिया थाना क्षेत्र में बरामद हुई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में शव और मोटरसाइकिल मिलने से पुलिस के सामने घटना की कड़ियां जोड़ना चुनौतीपूर्ण था। हालांकि पुलिस टीमों ने तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार आरोपियों तक पहुंच गई।
लखनऊ जाने की फिराक में थे आरोपी, पुलिस ने दबोचा
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद आरोपी गिरफ्तारी से बचने की कोशिश में थे। रामललित और सोना देवी 12 सितंबर की सुबह अपनी मोटरसाइकिल संख्या UP51AK4990, सफेद रंग की पैशन प्रो, से अमहट हाईवे मोड़ के पास पहुंचे थे। दोनों वहां से अलग-अलग तरीके से निकलने की तैयारी में थे। पूछताछ में रामललित ने बताया कि वह सोना देवी को लखनऊ जाने वाली बस में बैठाकर स्वयं मोटरसाइकिल से अपने घर जाने की फिराक में था। इसी दौरान पुलिस टीम ने दोनों को घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने यह सामान किया बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा मृतक यशवंत का पासपोर्ट, एसबीआई बैंक की पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद किया गया है। अभियुक्तों की जामातलाशी से कुल 2,070 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त बताई जा रही मोटरसाइकिल संख्या UP51AK4990, सफेद रंग की पैशन प्रो भी बरामद की गई है।
तीन आरोपी अभी फरार, गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी
क्षेत्राधिकारी सदर मानसी दहिया ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मामले में अब तक दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। हत्या में शामिल बताए जा रहे तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है तथा घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
इन पुलिस टीमों की रही अहम भूमिका
हत्या के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार राय थाना वाल्टरगंज, निरीक्षक एसओजी टीम प्रभारी विकास यादव, प्रभारी सर्विलांस टीम उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव तथा उपनिरीक्षक श्रीराम पाल की भूमिका रही। टीम में हेड कांस्टेबल रमेश यादव, पवन तिवारी, मृत्युन्जय कुशवाहा, कांस्टेबल चन्दन और विजय कुमार एसओजी टीम, हेड कांस्टेबल देवेश यादव, कांस्टेबल सन्तोष यादव सर्विलांस सेल तथा हेड कांस्टेबल मिथुन कन्नौजिया, कांस्टेबल शैलेन्द्र यादव, रिजर्व कांस्टेबल शुभम यादव, मृदुल वर्मा और रिजर्व महिला कांस्टेबल श्रेया सिंह थाना वाल्टरगंज शामिल रहे।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यशवंत हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गई है, हालांकि हत्या में शामिल बताए जा रहे तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के सभी पहलुओं की जांच अभी बाकी है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को भी संकलित कर रही है।
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