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राष्ट्रीय लोक अदालत में 65,724 वादों का निस्तारण, 59.23 करोड़ से अधिक की धनराशि वसूल

बस्ती, 12 सितंबर 2026।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा शनिवार, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति, बस्ती मंडल न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
एक दिवसीय दौरे पर जिला एवं सत्र न्यायालय बस्ती पहुंचे प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत जनपद न्यायाधीश शमसुल हक ने लाइव प्लांट देकर किया, जबकि सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार-प्रथम एवं न्यायिक अधिकारियों ने बुके व पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जिला कारागार, बस्ती की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों के साथ न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण किया तथा बैंकों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ईसी एक्ट) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोक अदालत में नियत वादों के संबंध में जानकारी भी ली।
इसके बाद प्रशासनिक न्यायमूर्ति परिवार न्यायालय पहुंचे, जहां सुलह-समझौते के आधार पर साथ रहने के लिए सहमत दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाई। उन्होंने साथ रहने का निर्णय लेने वाले दंपतियों को बधाई देते हुए उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। परिवार न्यायालय में कुल 51 वादों का निस्तारण हुआ, जिनमें सुलह-समझौते के आधार पर 14 दंपतियों ने पुनः साथ रहने की सहमति जताई।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर वार्ता की। इसके अलावा सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक में न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, समय से न्यायालय आने तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुरूप निर्णय पारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को निर्णय लेखन में निष्कर्ष एवं साक्ष्यों के मूल्यांकन पर विशेष ध्यान देने को कहा। जनपद न्यायालय की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी के साथ भी बैठक की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती शमसुल हक के कुशल मार्गदर्शन में जनपद न्यायालय परिसर के साथ सभी ग्राम न्यायालयों, तहसीलों, राजस्व न्यायालयों एवं कलेक्ट्रेट में किया गया। आयोजन में नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत एवं अपर जिला जज प्रमोद कुमार गिरि, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार-प्रथम, जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों एवं अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार-प्रथम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायालय से 111 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें 4,11,17,000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई। भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण से एक तथा उपभोक्ता फोरम से 67 मामलों का निस्तारण हुआ। विभिन्न न्यायालयों से कुल 3,186 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि प्री-लिटिगेशन स्तर पर 62,538 मामलों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 65,724 वादों का निस्तारण हुआ तथा 59,239,413 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मो. रिजवानुल हक, भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी बाबू राम, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु. आराधना रानी, उपभोक्ता फोरम के पीठासीन अधिकारी अमरजीत वर्मा, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार शुक्ला, अपर जिला जज कमलेश कुमार, अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट रामकरन यादव, अपर जिला जज ईसी एक्ट एवं नोडल अधिकारी प्रमोद कुमार गिरि, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप, सिविल जज (सीडी) साबिहा खातून, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम राज बाबू, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय आरिफ अहमद अंसारी समेत समस्त न्यायिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
लोक अदालत परिसर में जिला कारागार, बस्ती में निरुद्ध बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प कला तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में रखी सामग्री आमजन के क्रय के लिए उपलब्ध रही, जिसे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य लोगों ने भी खरीदा।
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