डिमेंशिया के लक्षण,कारण और निवारण जाने प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. ए.के. दुबे से

जी.पी. दुबे
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डिमेंशिया: कारण, लक्षण, और बचाव के उपाय

डिमेंशिया क्या है?
डिमेंशिया एक मानसिक विकार है, जिसमें व्यक्ति की स्मरण शक्ति, सोचने की क्षमता, और रोजमर्रा की गतिविधियों में बाधा उत्पन्न होती है। यह मुख्य रूप से वृद्ध लोगों में होता है और अल्जाइमर, वास्कुलर डिमेंशिया, और लुई बॉडी डिमेंशिया जैसे कई प्रकारों में हो सकता है।

डिमेंशिया के कारण

  1. आयु: उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है।
  2. जीन और आनुवंशिकता: कुछ परिवारों में यह अनुवांशिक रूप से पाया जाता है।
  3. मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति की समस्या: मस्तिष्क में रक्त प्रवाह में बाधा होने से डिमेंशिया का खतरा होता है।
  4. सिर की चोट: सिर पर गंभीर चोट से डिमेंशिया का खतरा बढ़ सकता है।
  5. अन्य बीमारियाँ: डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, और हाई कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी इसे प्रभावित कर सकते हैं।
  6. अस्वास्थ्यकर जीवनशैली: धूम्रपान, अधिक शराब का सेवन, और शारीरिक गतिविधियों की कमी।

डिमेंशिया के लक्षण

  1. याददाश्त में कमी: व्यक्ति हाल की घटनाओं को याद करने में कठिनाई महसूस करता है।
  2. सोचने और समझने में समस्या: चीजों को समझने और निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
  3. भ्रम और दिशा में भटकाव: व्यक्ति परिचित स्थानों में भी रास्ता भूल सकता है।
  4. व्यवहार में बदलाव: गुस्सा, अवसाद, चिड़चिड़ापन और चिंता बढ़ सकती है।
  5. भाषा और संवाद में समस्या: सही शब्द खोजने में कठिनाई होती है।
  6. स्वयं की देखभाल में कमी: दैनिक कार्यों जैसे खाना बनाना, नहाना, कपड़े पहनना आदि में समस्या आती है।

डिमेंशिया से बचाव के उपाय

  1. स्वस्थ आहार: फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और मछली का सेवन मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। अत्यधिक वसा और चीनी से परहेज करें।
  2. मानसिक व्यायाम: पढ़ाई, पजल सॉल्विंग, और नए कौशल सीखने जैसे गतिविधियाँ मस्तिष्क को सक्रिय रखती हैं।
  3. शारीरिक व्यायाम: नियमित व्यायाम से मस्तिष्क में रक्त संचार अच्छा होता है और इसका विकास सही तरीके से होता है।
  4. सामाजिक सक्रियता: सामाजिक गतिविधियों में भाग लें, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं।
  5. तनाव प्रबंधन: ध्यान, योग, और प्राणायाम जैसी तकनीकें तनाव को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं।
  6. धूम्रपान और शराब का त्याग: ये दोनों मस्तिष्क को हानि पहुंचाते हैं और डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ाते हैं।
  7. नींद पूरी करना: नियमित और पर्याप्त नींद मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
  8. स्वास्थ्य जांच: डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, और कोलेस्ट्रॉल को नियमित रूप से जांचें और नियंत्रण में रखें।

👉 डिमेंशिया के मरीज सही समय पर मनोचिकित्सक से परामर्श कर उनके बताए अनुसार जीवन चर्या अपना कर तथा दवाओ के सही प्रयोग से आम लोगों की तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं |

डॉ.ए.के. दुबे
मनोचिकित्सक
जिला अस्पताल बस्ती

के साथ बातचीत पर आधारित

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