संभल उपद्रव : किसी सोची समझी साजिश का हिस्सा तो नहीं

Gyan Prakash Dubey

संभल बवाल :एक सोची समझी साजिश

संभल 25 नवंबर 24.
संभल हिंसा को लेकर अभी तक दो थानों में साथ मुकदमें दर्ज हुए हैं |
पुलिस अधीक्षक नें बताया कि समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान वर्क और स्थानीय सपा विधायक नवाब इकबाल महमूद के बेटे नवाब सुबह इकबाल को भी आरोपी बनाया गया है |
उन्होंने कहा कि इन पर दंगाइयों को भड़काने का आरोप है |
हिंसा और कार्यवाही को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक में प्रेस वार्ता की जिसमें उन्होंने सब की जानकारी दी ||
उपनिरीक्षक शाह फैजल ने नक्शा थाने में 200 अज्ञात लोगों पर प्राथमिक की दर्ज कराई है | वहीं दीपक राठी एकता चौकी थाना कोतवाली पर 800 लोगों पर इस पंजीकृत हुआ है | इसमें सपा सांसद और सपा विधायक का बेटा भी शामिल है |
वहीं उप जिलाधिकारी रमेश बाबू ने 800 ज्ञात लोगों पर प्राथमिक की दर्ज करवाई है |
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हिंसा में 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं | वही मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है |
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भीड़ की तरह से फायरिंग की गई थी | उन्होंने कहा कि पत्रों की तलाश की जा रही है |
साथ ही सबसे खास बात बताया कि पथराव वाली जगह पर पुलिस को हथियार भी मिले हैं जो यह साबित करते हैं कि सर्वे को रोकने की पूरी तैयारी की गई थी

फिलहाल संभल में मंगलवार तक इंटरनेट सेवा तथा प्रतिनिधियों के संभल आने पर रोक लगा दी गई है |
12वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है तथा साहब मस्जिद के चारों तरफ फैला के को पूरी तरह बंद कर दिया गया है |

यहां सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि पथराव किस समय पुलिस अधीक्षक ने लाउडस्पीकर पर अपील की थी कि नेताओं के चक्कर में अपना भविष्य मत बर्बाद करो लेकिन उसके बाद भी उपद्रवी नहीं माने |
तनाव को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाके में आर ए एफ और पीएसी तथा स्थानीय प्रशासन का पुलिस बल तैनात कर दिया गया है |
यहां बताते चलें कि हिंदू पक्ष के अनुसार एक शिलालेख में बाबर के दरबारी का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि मस्जिद को हिंदू मंदिर तोड़कर बनाया गया था | ए एस आई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है की मस्जिद में मौजूद शिलालेख जिस पर यह लिखा हुआ है कि हिंदू मंदिर से इस मस्जिद में परिवर्तित करने वाले व्यक्ति का नाम मीर हिंदू बेग है जो बाबर का दरबारी था |

इसके साथ ही हिंदू पक्ष बाबर नामा,आईना ए अकबरी का हवाला देते हुए कहा है कि वहां पहले विष्णु भगवान का मंदिर था |

ए एस आई का सर्वेक्षण 1874 से 76 के बीच का है जिसमें सतयुग से कलयुग तक संभल का इतिहास बताया गया है |

मुस्लिम पक्ष हिंदू पक्ष के दावे को नकारता है | जामा मस्जिद के अध्यक्ष मोहम्मद जफर का दावा है की मस्जिद किसी भी मंदिर को तोड़कर नहीं बनी है और मस्जिद में हिंदू मंदिर के कोई निशान नहीं है |
यहां बताते चलें कि एक सर्वे 19 नवंबर 24 को हो चुका है | और दूसरा सर्वे हो रहा था |

👉 यहां सबसे खास बात यह है कि सुबह 7 बजे से सर्वे शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, 2 घंटे बाद अचानक 9 बजे उपद्रवियों की भीड़ इकट्ठा हो गई और उन्होंने सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया | सोचने वाली बात यह है कि किसके कहने पर भीड़ इकट्ठा हुई और इतने पत्थर कहां से आए | पुलिस के अनुसार पथराव वाली जगह पर हथियार मिले हैं जिसमें तलवार चाकू और अन्य हथियार थे | वह क्यों वहां इकट्ठा किए गए थे |

जब जवा मस्जिद में 19 नवंबर और कल 2 घंटे की सर्वे हो चुका था | मस्जिद के इमाम को कोई दिक्कत परेशानी नहीं हो रही थी | सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था | तो अचानक भीड़ इकट्ठा होकर क्यों पथराव करने लगी |

👉 संभल में हुआ उपद्रव अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे सोची समझी साजिश कम कर रही थी | जो युवाओं को भड़काकर और उपद्रव करवा कर अपनी राजनीति करना चाहते थे

बहरहाल जो तनाव संभल में पैदा किया गया | उसका असर काफी दिनों तक रहेगा | राजनीतिक लोग तो अपनी रोटी सेक कर अलग हो जाएंगे परंतु वहां के लोगों के दिलों में जो दरार पड़ेगी इसका उत्तरदायी कौन होगा

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