
Gyan Prakash Dubey
दरोगा और उसकी पत्नी के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा: गंभीर आरोपों के बीच पुलिस ने जांच के आदेश दिए
मेरठ 25 नवंबर 24.
सोमवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने अधिकारियों को भी असमंजस में डाल दिया। एक दरोगा और उसकी पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। दोनों के विवाद ने पुलिस के आला अधिकारियों को मामले की जांच के आदेश देने पर मजबूर कर दिया। यह मामला मेरठ और बुलंदशहर जिलों से जुड़ा है और इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
ग्वालटोली थाने में तैनात दरोगा की पत्नी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- आर्थिक शोषण:
महिला ने दावा किया कि दरोगा ने शादी के बाद उसके साथ धोखाधड़ी करते हुए 14.50 लाख रुपये हड़प लिए। - अवैध संबंध:
महिला ने आरोप लगाया कि दरोगा सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को अपने चंगुल में फंसाकर दोस्ती करता है और फिर शारीरिक संबंध बनाता है। इसके बाद वह फोटो और वीडियो के जरिए महिलाओं को ब्लैकमेल करता है। - अमर्यादित व्यवहार:
महिला के अनुसार, दरोगा उसकी पिछली जिंदगी को लेकर अमर्यादित टिप्पणियां करता है। उसने बताया कि पिछले चार महीने से उसका पति उससे मिलने तक नहीं आया और फोन पर बात करना भी बंद कर दिया। - पुलिस की अनदेखी:
महिला का कहना है कि उसने ग्वालटोली थाने और महिला थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। उल्टा, उसके साथ थाने में बदसलूकी की गई।
दरोगा ने भी अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थिति को पूरी तरह उलट दिया।
- पहली शादी छिपाने का आरोप:
दरोगा ने बताया कि उसकी पत्नी ने अपनी पहली शादी का सच छिपाया। जब उसने जांच की, तो पता चला कि महिला की पहली शादी मेरठ में तैनात एक अन्य दरोगा से हुई थी। - झूठे दुष्कर्म के मुकदमे:
दरोगा ने दावा किया कि उसकी पत्नी को झूठे दुष्कर्म के मामले दर्ज कराने और फिर पैसे वसूलने की आदत है। उसने आरोप लगाया कि महिला ने 2020 में अपने पहले पति और देवर पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन अदालत में बयान पलट दिए। - संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां:
दरोगा ने बताया कि शादी के बाद उसने अपनी पत्नी के खाते से अन्य 10 खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर होते देखा |
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी महिला अपराध अमिता सिंह ने घटना की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुना जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
महिला मेरठ जिले के मवाना थाना क्षेत्र की निवासी है, जबकि दरोगा बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र से है। दोनों की शादी इसी साल 17 फरवरी को हुई थी। यह मामला न केवल व्यक्तिगत संबंधों का विवाद है, बल्कि इसमें धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, और झूठे मुकदमों जैसे गंभीर आरोप भी जुड़े हुए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला संवेदनशील है और इसमें दोनों पक्षों की गहन जांच की आवश्यकता है। महिला द्वारा लगाए गए आरोप अगर सच साबित होते हैं, तो यह न केवल दरोगा की नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि पुलिस विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, अगर दरोगा के आरोप सही हैं, तो यह महिलाओं द्वारा कानून के दुरुपयोग का एक और उदाहरण हो सकता है।
यह मामला समाज में व्याप्त आपसी विश्वासघात और कानूनी दांव-पेंच के गलत इस्तेमाल को उजागर करता है। न्याय के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि दोषियों को सजा मिले और निर्दोष को राहत मिल सके। पुलिस विभाग को भी इस मामले में अपनी छवि सुधारने के लिए पूरी पारदर्शिता से काम करना होगा।


