
जी.पी. दुबे
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भीषण सड़क हादसे में हुई 5 की मौत
गोरखपुर 7 दिसंबर 24.
हादसे में मारे गए तीन लोग तो एक ही परिवार के हैं जबकि दो दोस्त बताए जा रहे हैं। सभी किसी न किसी मांगलिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। मौत की खबर के बाद इनके घर से लेकर अस्पताल तक कोहराम मच गया। कोई अपने पौत्र को लेकर रो रहा था तो किसी के पति की मौत हो चुकी थी लेकिन उसके बारे में बताने की किसी में हिम्मत नहीं थी।
डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच कर घायलों के बेहतर इलाज के प्रबंधक में लगे हुए थे।
मोहद्दीपुर बिजली कॉलोनी का रहने वाला विक्रांत सफाईकर्मी था। उसके ससुराल में शादी थी पर सुबह उसकी ड्यूटी भी थी। लिहाजा रात में ही पत्नी और बच्चों को लेकर वह बाइक से घर के लिए निकल गया ।
विक्रांत के ससुराल वालों ने उसे रात में घर जाने से रोका था। हादसे में विक्रांत के साथ उसकी दोनों बेटियों की भी मौत हो गई जबकि पत्नी और पांच साल का बेटा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। दुर्घटना के बाद इनके परिवारीजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ससुराल के साथ घरवालों की जिला अस्पताल पर भीड़ रही। हादसे में घायल विक्रांत की पत्नी निकिता अपने पति और बेटियों की तलाश कर रही थी।
हदृय विदारक स्थिति तब बन गई जब वह अपनी पति की चद्दर से ढंकी लाश के पास बैठ कर उनके बारे में ही लोगों से पूछ रही थी और यह सब देखकर लोगों की आंखे नम हो रही थी विक्रांत ने शादी में काफी डांस किया था उसकी बातें कर लोगों के आंसू निकल रहे थे। परिवारीजनों की चीत्कार से रात का सन्नाटा टूट रहा था।
वहीं दूसरी तरफ सूरज और मोनू दोनों दोस्त हैं। वे मुंडन कार्यक्रम में गए थे लेकिन किसके यहां मुंडन कार्यक्रम था उनके घरवालों को इसकी जानकारी नहीं थी। मौत की खबर के बाद मोनू की दादी और पत्नी अस्पताल पहुंची थीं। अपने पौत्र की मौत की खबर के बाद बूढ़ी दादी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। वह बार-बार यही कर रहे थे कि मैं हमेशा मना करती थी कि इतनी रात को कहीं न जाया करो, अब हादसा हो गया।
मोनू एंबुलेंस चालक है। वहीं सूरज के घरवालों वालों को देर रात तक हादसे की जानकारी नहीं हो पाई थी। परिवारीजन के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही थी।
बगल में पड़ी थी पति की लाश, मौत से अंजान निकिता पूछ रही थी,जिला अस्पताल की इमरजेंसी में स्ट्रेचर पर इलाज के दौरान होश में आते ही निकिता ने अपने पति विक्रांत के बारे में पूछा। बच्चियों और बेटे के हाल का था। दर्द से कराहती निकिता से सभी ने झूठ बोलकर दिलासा दिया। उसके बगल के स्ट्रेचर पर ही चादर से लिपटे पति की लाश थी। वह इससे अंजान थी। उस पर नजर पड़ी तो बताया गया कि वह दूसरा बाइक सवार युवक है। उसके लिए भी उसके आंखें नम हो गईं। फिर वह बच्चों के लिए जिद की तो परिजनों ने उसे बताया कि बच्ची अपने बाबा के साथ घर चली गई है, बाबू भी घर पर ही है। पति को मामूली चोट है और वह दवा लेने गया है।
पति के साथ यह उसकी आखिरी रात है, इससे वह अभी अंजान है। पति के साथ मायके के कार्यक्रम में शामिल होने गई निकिता के साथ पति विक्रांत ने खूब डांस भी किया था। पत्नी अभी मायके ही रुकना चाहती थी। सभी विक्रांत को भी रोकना चाहते थे। लेकिन, विक्रांत के सुबह ऑफिस जाने के लिए घर जाना जरूरी था। इस वजह से वह पति के साथ चली गई। उसके सामने ही हादसा हुआ। वह हादसे के बाद बेहोश हो गई थी।
विक्रांत के पिता ने बताया कि घर पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही उनकी बात हुई थी। तब विक्रांत ने बताया कि वह घर के करीब पहुंच गया है और बाइक चला है। इस वजह से मोबाइल फोन पर बातचीत नहीं करेगा। लेकिन, किसे पता था कि अगले ही पल मौत उसका इंतजार
समाचार स्रोत. हिंदुस्तान
