बटेंगे तो कटेंगे :अब ये किसने कहाँ कि “डरेंगे तो मरेंगे”

जी.पी.दुबे
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प्रयागराज महाकुंभ: ‘डरेंगे तो मरेंगे’ के पोस्टर से बढ़ा विवाद

प्रयागराज.
महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा दिए गए नारों के बाद अब प्रयागराज महाकुंभ में ‘डरेंगे तो मरेंगे’ के पोस्टर चर्चा में हैं।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ और ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ जैसे नारे दिए थे, जिन पर काफी विवाद हुआ था।

पोस्टर किसने लगाए?
महाकुंभ से पहले लगे इन पोस्टरों को जगदगुरु रामानंदाचार्य द्वारा लगवाया गया है। उनकी तस्वीरों के साथ ये पोस्टर प्रयागराज के महाकुंभ क्षेत्र में कई स्थानों पर नजर आ रहे हैं। इससे पहले 2019 के कुंभ में भी रामानंदाचार्य ने राम मंदिर को लेकर पोस्टर लगाए थे, जो चर्चा में रहे थे।

महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था
13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाकुंभ में करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी कुमार प्रशांत कुमार के अनुसार, इस बार सुरक्षा के लिए 50,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जो 2019 के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक है।

तकनीकी सुरक्षा के इंतजाम
कुंभ क्षेत्र में 2700 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें एआई तकनीक से लैस कैमरे भी शामिल हैं। ये कैमरे भीड़ के घनत्व, लोगों की आवाजाही, बैरिकेड जंपिंग और किसी आपात स्थिति जैसे आग या धुएं की सूचना देने में सक्षम हैं।

राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रिया
पोस्टरों में लिखे नारों को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जहां समर्थक इसे धार्मिक जागरूकता का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं विरोधी इसे विभाजनकारी बताते हुए आलोचना कर रहे हैं। महाकुंभ के दौरान इस मुद्दे पर और विवाद गहराने की संभावना है।

नजरें महाकुंभ पर
जनवरी में शुरू होने वाले महाकुंभ पर देशभर की निगाहें टिकी हैं। धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह आयोजन ऐतिहासिक माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आतंकवादी पन्नू ने पीलीभीत में तीन उग्रवादियों के एनकाउंटर का बदला कुंभ मेला में लेने की धमकी दी है

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