
आठ साल में 21 हजार मजदूरों की मौत का दावा—नियोम सिटी प्रोजेक्ट पर उठे गंभीर सवाल
रियाद, 1 जनवरी 2025।
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट नियोम सिटी पर गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के निर्माण स्थलों पर महिला मजदूरों के साथ बलात्कार, आत्महत्याएं, हत्याएं और नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं।
द सन और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टों के मुताबिक, बीते आठ वर्षों में 21,000 मजदूरों की मौत का दावा किया गया है। इन घटनाओं ने नियोम सिटी प्रोजेक्ट के प्रबंधन और श्रमिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खराब परिस्थितियों में मजदूरों का जीवन
रिपोर्टों के अनुसार, श्रमिक शिविरों में सुरक्षा की कमी और अव्यवस्था के कारण मजदूर बेहद खराब परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
तनख्वाह न मिलने पर आत्महत्या: एक मजदूर ने वेतन न मिलने पर कलाई काटकर आत्महत्या का प्रयास किया।
भोजन की खराब गुणवत्ता: पिछले साल खराब भोजन के कारण विरोध प्रदर्शन हुए।
महिलाओं के साथ अपराध: निर्माण स्थलों पर महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे अपराधों के मामले सामने आए।
दुर्घटनाओं में मौत: सुरंगों और मलबे में दबने से मजदूरों की मौतें भी दर्ज की गई हैं।
क्या है नियोम प्रोजेक्ट?
नियोम सिटी सऊदी अरब के विजन 2030 का हिस्सा है। यह प्रोजेक्ट देश की तेल-आधारित अर्थव्यवस्था को विविध बनाने के लिए शुरू किया गया था।
लागत: लगभग 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर।
उद्देश्य: आधुनिक तकनीक और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक मेगासिटी बनाना।
शुरुआत: प्रोजेक्ट 2017 में लॉन्च हुआ और इसे 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।
देरी और विवादों से घिरा प्रोजेक्ट
अधिकारियों ने हाल ही में स्वीकार किया है कि नियोम सिटी प्रोजेक्ट इस दशक के अंत तक पूरा नहीं हो पाएगा।
आरोप: मजदूरों के शोषण, खराब सुरक्षा व्यवस्था और अपराधों के बढ़ते मामलों से यह प्रोजेक्ट विवादों में है।
समय सीमा: प्रोजेक्ट के कई हिस्से अधूरे हैं और इसमें अभी कई साल लगने की संभावना है।
प्रशासन की सफाई और आगे की कार्रवाई
सऊदी प्रशासन ने आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
(NGV PRAKASH NEWS के लिए विशेष रिपोर्ट)

