
HMPV वायरस का खतरा: चीन के बाद भारत में भी दस्तक, बेंगलुरु में 8 महीने के बच्चे में मिला संक्रमण
नई दिल्ली, 6 जनवरी 2025 | जीपी दुबे
चीन में कहर बरपा चुके HMPV वायरस (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। बेंगलुरु के एक अस्पताल में 8 महीने के बच्चे में इस वायरस का संक्रमण पाया गया है। इस खबर के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। ICMR के मुताबिक, बच्चे को तेज बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच के बाद वायरस की पुष्टि हुई।
भारत सरकार अलर्ट पर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति पर करीबी नजर रखने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने WHO से भी समय पर अपडेट साझा करने का अनुरोध किया है। वहीं, ICMR सालभर इस वायरस की निगरानी करेगा और जांच प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
क्या है HMPV वायरस?
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) एक श्वसन संक्रमण फैलाने वाला वायरस है, जो बच्चों और बुजुर्गों को तेजी से प्रभावित करता है। यह वायरस सामान्य खांसी-जुकाम, गले में खराश, बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों के साथ उभरता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चों में यह संक्रमण अधिक देखा जाता है। चीन में भी अधिकांश मामले बच्चों में ही सामने आए हैं।
कितना खतरनाक है HMPV?
विशेषज्ञों के मुताबिक, HMPV वायरस कोविड-19 जितना जानलेवा नहीं है। हालांकि, यह श्वसन तंत्र पर असर डाल सकता है और गंभीर मामलों में निमोनिया का कारण बन सकता है।
डॉ. राजीव जयदेवन (IMA, केरल) के अनुसार, “लगभग सभी बच्चे 4-5 साल की उम्र तक इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में यह हल्के लक्षण ही दिखाता है, लेकिन कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है।”
सरकार ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता से सावधानी बरतने की अपील की है:
खांसी-जुकाम वाले मरीजों से दूरी बनाए रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
हाथों की सफाई का ध्यान रखें और नियमित रूप से सैनिटाइजर का उपयोग करें।
बुखार या सांस संबंधी समस्याओं पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
हालांकि HMPV वायरस कोविड जितना घातक नहीं है, लेकिन यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। भारत सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है और संक्रमण की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। जनता को भी सावधान रहना जरूरी है, ताकि इस नए खतरे को समय रहते रोका जा सके।
(NGV PRAKASH NEWS के लिए जीपी दुबे की रिपोर्ट)

