
राम जानकी मंदिर से चोरी 30 करोड़ की मूर्ति बरामद, सपा नेता समेत चार गिरफ्तार, पुजारी भी था शामिल
मिर्जापुर.
मिर्जापुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां मंदिर के पुजारी और सपा नेता ने मिलकर भगवान को भी नहीं छोड़ा | अष्टधातु की मूर्तियों को पैसे के लालच में आकर उन्हें चुरा लिया |
मिर्जापुर के राम जानकी मंदिर से चोरी हुई बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां पुलिस ने बरामद कर ली हैं। इस मामले में पुलिस ने मंदिर के पुजारी और एक सपा नेता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बरामद मूर्तियों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 30 करोड़ रुपए आंकी गई है।
पुजारी ही था साजिश का मास्टरमाइंड
एएसपी ओपी सिंह ने जानकारी दी कि कठिनई गांव के श्रीराम जानकी मंदिर के पुजारी वंशीदास ने ही चोरी की साजिश रची थी। 14 जनवरी को पुजारी ने खुद पुलिस को मूर्तियों के चोरी होने की शिकायत दी थी। जांच के दौरान पता चला कि पुजारी ने मंदिर की संपत्ति से असंतुष्ट होकर अपने साथियों के साथ यह योजना बनाई।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पड़री के हाईमाई मंदिर के पास से आरोपियों को बोलेरो गाड़ी में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- वंशीदास उर्फ बृजमोहन दास – पुजारी और मुख्य साजिशकर्ता।
- लवकुश पाल – भदोही निवासी।
- मुकेश कुमार सोनी – प्रतापगढ़ का आभूषण व्यापारी।
- रामबहादुर पाल – सपा नेता और प्रयागराज निवासी।
आरोपियों के पास से चोरी की तीनों अष्टधातु की मूर्तियां और शृंगार का सामान बरामद हुआ।
बरामद मूर्तियों में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी की प्राचीन मूर्तियां शामिल हैं, जिनकी कीमत करीब 30.10 करोड़ रुपए है।
पुलिस का कहना है कि रामबहादुर पाल सपा का स्थानीय नेता है और 2015 से 2020 तक हंडिया वार्ड-3 से जिला पंचायत सदस्य रह चुका है।
मामले में एएसपी ने बताया कि पुजारी ने मंदिर की संपत्ति से असंतोष के चलते यह अपराध किया। मंदिर से जुड़ी बेशकीमती मूर्तियों को बेचने की साजिश थी। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की जांच जारी है।
NGV PRAKASH NEWS

