
प्रधान और शिक्षिका के बीच विवाद ने पकड़ा तूल, विद्यालय में हंगामा, पुलिस भी पहुंची
बस्ती 8 फरवरी 25.
विकासखंड कप्तानगंज के माझा परिषदीय विद्यालय में गणतंत्र दिवस के दिन प्रधान और शिक्षिका के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधान माझा ग्राम पंचायत के साहबदीन निषाद ने विद्यालय में महापुरुषों की तस्वीर न लगाने को लेकर शिक्षिका को टोक दिया। आरोप है कि इस पर शिक्षिका नाराज हो गईं और प्रधान को बिना झंडारोहण किए ही विद्यालय परिसर से बाहर जाने को कह दिया।
इस मामले को लेकर प्रधान साहबदीन निषाद ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की थी। प्रधान का कहना था कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर महापुरुषों की तस्वीर लगाना और झंडारोहण की प्रक्रिया विधिवत संपन्न कराना आवश्यक है, लेकिन शिक्षिका की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हुआ।
विद्यालय में पहुंचे अधिकारी, शिक्षक संघ और प्रधान संघ आमने-सामने
शिकायत के बाद खंड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव विद्यालय में जांच के लिए पहुंचे। यहां शिक्षक संघ और प्रधान संघ आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दोनों पक्षों में जमकर बहस और तू-तू, मैं-मैं हुई, जिससे माहौल गरमा गया। विवाद इतना बढ़ा कि मामला मारपीट तक पहुंचने वाला था, लेकिन समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया।
स्थिति बिगड़ती देख प्रधान माझा ने कप्तानगंज पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही कप्तानगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।
खंड शिक्षा अधिकारी जांच कर करेंगे रिपोर्ट प्रेषित
इस पूरे मामले को लेकर जब खंड शिक्षा अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कैमरे से बचने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने संक्षेप में कहा कि पूरे मामले की जांच कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई उन्हीं के निर्देशानुसार होगी।
मामले ने पकड़ा राजनीतिक तूल
विद्यालय में हुए इस विवाद को लेकर अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। प्रधान संघ इस मामले को शिक्षकों की मनमानी का उदाहरण बता रहा है, तो वहीं शिक्षक संघ इसे प्रधान द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप का मामला करार दे रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने इसे शिक्षकों के स्वायत्तता पर हमला बताया, जबकि कुछ ने प्रधान के पक्ष में खड़े होकर उनके अधिकारों की रक्षा की बात कही।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या यह विवाद यहीं समाप्त होता है या और तूल पकड़ता है।
NGV PRAKASH NEWS

