फिर गुलजार होगी कानपुर की ‘लाल इमली’, योगी सरकार कर रही पुनर्जीवित करने की तैयारी

फिर गुलजार होगी कानपुर की ‘लाल इमली’, योगी सरकार कर रही पुनर्जीवित करने की तैयारी

कानपुर, 1 मार्च 2025।
कभी पूरी दुनिया में अपनी ऊनी कपड़ों की बेहतरीन गुणवत्ता के लिए मशहूर ‘लाल इमली’ मिल को फिर से शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर दौरे के दौरान ऐलान किया था कि सरकार इस ऐतिहासिक मिल को दोबारा शुरू करेगी। अब इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत संचालित करने की योजना बनाई जा रही है।

एक दौर था जब लाल इमली की पहचान 60 नंबर लोई थी

लाल इमली में बनने वाली 60 नंबर की ऊन अपनी गुणवत्ता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर थी। बड़े-बड़े नेता, व्यापारी और सेना के जवान भी इसके ब्लेजर और गर्म कपड़ों को पसंद करते थे। भारतीय मजदूर संघ के नेता सुखदेव मिश्रा के अनुसार, “लाल इमली कभी कानपुर की पहचान हुआ करती थी। यहां स्वेटर, ब्लेजर, दस्ताने, मोजे और कंबल बनाए जाते थे। अगर यह मिल दोबारा शुरू होती है, तो कानपुर के मजदूरों के लिए यह किसी सौगात से कम नहीं होगा।”

1876 में हुई थी लाल इमली की स्थापना

लाल इमली की स्थापना 1876 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। उस समय यहां 10,000 से ज्यादा मजदूर काम करते थे, और यहां से बने गर्म कपड़े पूरी दुनिया में भेजे जाते थे। लेकिन समय के साथ मिल की स्थिति खराब होती चली गई, और आखिरकार यह बंद हो गई।

34 महीने से नहीं मिली मजदूरों को तनख्वाह

मिल के बंद होने के बाद यहां काम करने वाले मजदूरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। करीब 4.5 लाख मजदूर इससे प्रभावित हुए हैं, और इनमें से कई को पिछले 34 महीनों से वेतन नहीं मिला है। मजदूरों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द लाल इमली को फिर से चालू करना चाहिए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सके।

PPP मॉडल से फिर शुरू होगी मिल

सरकार अब इस ऐतिहासिक मिल को दोबारा शुरू करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर काम कर रही है। इस योजना के तहत सरकार और निजी कंपनियां मिलकर इस उद्योग को फिर से खड़ा करेंगी। यदि यह योजना सफल होती है, तो न केवल कानपुर के मजदूरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि शहर की पहचान फिर से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कायम होगी।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार सही रणनीति अपनाती है और मिल को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है, तो यह कानपुर की अर्थव्यवस्था में जान फूंक सकती है। उद्योग जगत से जुड़े लोग भी मानते हैं कि लाल इमली की वापसी से कानपुर के पुराने औद्योगिक वैभव को फिर से बहाल किया जा सकता है।

कानपुर के मजदूरों को फिर मिलेगी उम्मीद

लाल इमली की दोबारा शुरुआत कानपुर के हजारों मजदूरों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकती है। सरकार की इस पहल से पुराने दिनों की तरह फिर से यह मिल गुलजार हो सकती है |

NGV PRAKASH NEWS

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