महिला टीचरों के बीच जमकर चले लाठी डंडे

सरकारी स्कूल बना अखाड़ा! लाठी-डंडों से भिड़ीं टीचरें, बच्चे सहमे, गांव वाले तमाशबीन

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय जंग का मैदान बन गया। टीचरें स्कूल पर कब्जे की लड़ाई लड़ रही हैं, और बच्चे शिक्षा के बजाय दहशत का पाठ पढ़ रहे हैं। शुक्रवार को स्कूल परिसर में जमकर लाठी-डंडे चले, गालियों की गूंज सुनाई दी, लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, और ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है

ताला तोड़ने से भड़की जंग, शिक्षिकाओं के बीच हाथापाई

मामला नौबरी प्राथमिक विद्यालय का है, जहां पहले से निलंबित हेडमास्टर रीना सिंह शुक्रवार को अपने पति के साथ जबरन स्कूल पहुंचीं। उन्होंने पहले ताला तोड़ा, फिर दस्तावेज उठाकर स्कूल पर अपना ताला जड़ दिया। अगले दिन जब सहायक अध्यापिका पुष्पा चौहान, कंचन सिंह और नीतू बघेल स्कूल आईं, तो बाहर लगे नए ताले को देखकर भौचक्की रह गईं। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद मामला खुला।

खंड शिक्षाधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। टीचरों को निर्देश दिया गया कि वे खुद ताला तोड़ दें। उन्होंने ऐसा ही किया और स्कूल को फिर से खोल दिया। लेकिन दोपहर 11:30 बजे हंगामा शुरू हो गया

पति संग आईं निलंबित हेडमास्टर, फिर बरपा कोहराम

कुछ देर बाद निलंबित शिक्षिका रीना सिंह अपने पति गजेंद्र के साथ स्कूल पहुंचीं। उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और शिक्षिकाओं को धमकाने लगीं। मामला बढ़ा तो दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। स्कूल में मची हाथापाई को बच्चे और ग्रामीण डर के मारे देखते रहे

ग्रामीणों ने इस झगड़े का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। थाने में तहरीर दी गई, लेकिन शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा

बच्चों की पढ़ाई पर असर, खौफ में हैं अभिभावक

विद्यालय में कुल 94 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन अक्सर विवाद के कारण सिर्फ 55-60 बच्चे ही स्कूल आते हैं। लगातार हो रहे झगड़ों से बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ रहा हैअभिभावक भी अब बच्चों को स्कूल भेजने में डर महसूस कर रहे हैं

यह पहली बार नहीं है जब नौबरी प्राथमिक विद्यालय में ऐसा विवाद हुआ होस्कूल पर कब्जे की लड़ाई सालों से जारी है, और अब इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। क्या शिक्षा विभाग इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर सरकारी स्कूलों में ऐसे ही दंगल होते रहेंगे?

NGV PRAKASH NEWS

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