भूकंप ने म्यांमार में मचाई भारी तबाही: डेढ़ सौ से ज्यादा मरे,सैकड़ो घायल

म्यांमार में विनाशकारी भूकंप से भारी तबाही, 144 की मौत

29 मार्च 2025 | NGV PRAKASH NEWS

👉 प्राप्त जानकारी के अनुसार मौत का आंकड़ा 700 से ज्यादा हो चुका है..

म्यांमार में शुक्रवार दोपहर आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 144 लोगों की मौत हो चुकी है और 730 से अधिक घायल हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मांडले और राजधानी नेपीडॉ हैं, जहां मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य तेज़ी से जारी है। भूकंप के झटके पड़ोसी देश थाईलैंड तक महसूस किए गए, जहां बैंकॉक में एक निर्माणाधीन इमारत के गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई।

भूकंप का केंद्र और आफ्टरशॉक्स
म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास स्थित इस भूकंप के बाद 6.4 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा कि म्यांमार को अंतरराष्ट्रीय सहायता प्रदान करने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन इस त्रासदी की सही तस्वीर अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, क्योंकि म्यांमार लंबे समय से गृहयुद्ध की चपेट में है और वहां सूचना पर कड़ा नियंत्रण है।

सरकार ने जारी की आपातकालीन अपील
म्यांमार सरकार ने खून की कमी को लेकर आपातकालीन अपील जारी की है। खासतौर पर मांडले और उसके आसपास के इलाकों में चिकित्सा सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सड़कों और पुलों के टूटने से राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं।

बैंकॉक में भी तबाही के निशान
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप का गहरा असर दिखा। एक 33 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई, जिससे वहां काम कर रहे 10 मजदूरों की मौत हो गई और 101 लोग लापता हैं। शहर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और सुरक्षा के मद्देनज़र कई स्थानों पर इमारतों को खाली कराया गया।

म्यांमार में टूटा बांध, मठ भी ढहे
भूकंप के कारण म्यांमार में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल क्षतिग्रस्त हो गए। मांडले में एक प्रमुख मठ पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जबकि राजधानी नेपीडॉ में सरकारी आवासीय इमारतें बुरी तरह प्रभावित हुईं। मांडले के पास एक बांध भी टूटने की खबर है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

चीन और भारत में भी महसूस हुए झटके
इस शक्तिशाली भूकंप के झटके चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में भी महसूस किए गए। चीनी सीमा के पास कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, बैंकॉक में भारतीय कंपनी आदित्य बिरला केमिकल्स थाईलैंड के प्रमुख अजय महाजन ने भी इस भूकंप को महसूस किया। उन्होंने बताया कि भूकंप के वक्त वह एक पुल पर थे, जो ज़ोरों से हिलने लगा।

आपातकाल की घोषणा
म्यांमार की सैन्य सरकार ने राजधानी नेपीडॉ, मांडले और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस आपातकाल का क्या प्रभाव होगा, क्योंकि देश पहले से ही 2021 से सैन्य शासन के तहत आपातकाल की स्थिति में है।

राहत और बचाव कार्य जारी
रेड क्रॉस और अन्य राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बिजली कटौती और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।

म्यांमार और थाईलैंड में इस भूकंप से हुई तबाही के चलते प्रभावित क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं। बचाव दल राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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