
लखनऊ में भीषण अग्निकांड: ताबड़तोड़ धमाकों से दहली बस्ती, 200 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख
लखनऊ, 23 अप्रैल 2025।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केसरीखेड़ा इलाके में मंगलवार देर रात दिल दहला देने वाला अग्निकांड हुआ। रेलवे लाइन के किनारे बसी झुग्गी बस्ती में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि 200 से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। वहीं, सिलेंडरों और बाइकों के पेट्रोल टैंक फटने से हुए ताबड़तोड़ धमाकों ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह बिजली के पोल में हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। पहले लोगों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि सभी प्रयास नाकाम हो गए। बस्ती में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। सैकड़ों लोग अपनी जान बचाकर घरों से बाहर भागे।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीमें आलमबाग, सरोजनीनगर, हजरतगंज, पीजीआई समेत कई फायर स्टेशनों से मौके पर पहुंचीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) मंगेश कुमार के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की 12 से अधिक गाड़ियों ने पूरी रात मशक्कत कर आग पर काबू पाया।
झोपड़ियों में रखे घरेलू सिलेंडर और पार्क की गई बाइकों के पेट्रोल टैंक जैसे-जैसे फटते गए, धमाकों की आवाज से क्षेत्र थर्रा उठा। आग की लपटें आसमान तक पहुंच रही थीं और दूर-दूर तक धुआं फैल गया।
इस भयावह हादसे में लोगों का जीवन भर की जमा-पूंजी जलकर राख हो गई। घर, सामान, कपड़े, दस्तावेज—सबकुछ आग की भेंट चढ़ गया। पीड़ितों को सांत्वना देने और मदद का भरोसा देने के लिए क्षेत्रीय पार्षद देवेंद्र यादव समेत कई स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से राहत और पुनर्वास की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर से झुग्गी बस्तियों में रह रहे हजारों परिवारों की असुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर कर दिया है। प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत शिविरों की तैयारी शुरू हो गई है।
NGV PRAKASH NEWS

