
दो छात्रों को नाबालिग से गैंगरेप के मामले में 20-20 साल की सजा
POCSO कोर्ट ने सुनाया सख्त फैसला, पीड़िता को मिलेगा मुआवजा
झुंझुनूं, 30 अप्रैल 2025
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में नाबालिग छात्रा से गैंगरेप करने वाले दो छात्रों को पॉक्सो कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के विशेष न्यायाधीश इसरार खोखर ने सुनाई।
दोषी ठहराए गए छात्र:
- सचिन गुर्जर, निवासी मोटू की ढाणी, रसूलपुर
- प्रमोद गुर्जर, निवासी बांकोटी, थाना खेतड़ीनगर
क्या था मामला:
पीड़िता, जो 12वीं की छात्रा थी, के पिता विदेश में रहते हैं। 22 सितंबर 2021 को सचिन और प्रमोद किताब मांगने के बहाने उसके घर आए। अकेली देखकर उन्होंने जबरन फोटो खींची और धमकी दी कि यदि बात नहीं मानी गई तो फोटो वायरल कर देंगे। इसके बाद वे घर से मां के गहने भी ले गए।
फिर 25 सितंबर की रात दोनों युवकों ने उसे खेत में बुलाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। जब घर में गहने गायब मिले तो पीड़िता ने पूरी घटना मां को बताई। 11 मार्च 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
अभियोजन की पैरवी:
राज्य की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह भाबू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुल 17 गवाहों के बयान और 45 दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। न्यायालय ने साक्ष्यों का विश्लेषण कर दोनों को दोषी ठहराया।
अदालत के आदेश:
कोर्ट ने दोनों को 20-20 साल का कठोर कारावास तथा 50-50 हजार का अर्थ दंड भी दिया | कोर्ट ने कहा कि उनकी 21 साल की उम्र के होने तक उन्हें बाल सुधार गृह में रखा जाए उसके बाद जेल में ट्रांसफर कर दिया जाए |
NGV PRAKASH NEWS

