भारत नें वह कर दिखाया जो अमेरिका रूस और चीन भी नहीं कर पाए..

चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक खोज: शिव शक्ति पॉइंट से निकला अरबों साल पुराना राज, चांद की परतों में छिपा सल्फर कर रहा है सबको हैरान

नई दिल्ली:
भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित शिव शक्ति पॉइंट पर एक चौंकाने वाली खोज की है, जिसने अब तक के अमेरिकी, रूसी और चीनी अंतरिक्ष अभियानों की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस खोज ने चंद्रमा के भूगर्भीय इतिहास को एक नई रोशनी में ला खड़ा किया है।

प्रज्ञान रोवर में लगे Alpha Particle X-Ray Spectrometer (APXS) ने चांद की मिट्टी में सल्फर की अत्यधिक मात्रा दर्ज की है, जबकि सोडियम और पोटैशियम जैसे तत्वों की मात्रा बेहद कम पाई गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सल्फर चंद्रमा की गहराई में दबी परतों से निकला है, न कि बाहरी स्रोतों से आया है — जो इस खोज को और भी रोमांचक बना देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 4.3 अरब साल पहले चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के South Pole–Aitken Basin में एक विशाल उल्कापिंड की टक्कर हुई थी, जिसने चांद की ऊपरी परतों को चीरते हुए उसकी भीतरी परतों से खास तत्व बाहर निकाल दिए। शिव शक्ति पॉइंट पर मिला सल्फर उसी घटना की अमिट छाप हो सकता है।

चंद्रयान-3 की यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि अब तक के अधिकांश अंतरिक्ष मिशन KREEP-rich क्षेत्रों में उतरे थे, जहां पोटैशियम, फॉस्फोरस और रेयर अर्थ एलिमेंट्स अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसके उलट, चंद्रयान-3 ने ऐसे क्षेत्र में उतरकर एक नई भौगोलिक और रासायनिक दृष्टि से अनूठी खोज की है।

यह खोज न सिर्फ चंद्रमा के भूविज्ञान को समझने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में चंद्रमा पर मानव बस्तियां बसाने के सपनों को भी ठोस आधार दे सकती है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह सल्फर निर्माण सामग्री के रूप में उपयोगी साबित हो सकता है और चंद्रमा के इतिहास की परतों को और गहराई से खोल सकता है।

NGV PRAKASH NEWS

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