पाकिस्तान के चकलाला एयर बेस को इसलिए किया भारत ने तबाह


भारत-पाक तनाव चरम पर: ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के जवाब में भारतीय सेना का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान के चार एयरबेस तबाह
नई दिल्ली | 10 मई 2025
NGV PRAKASH NEWS

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों से पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ किए जा रहे सैन्य हमलों के जवाब में भारतीय सेना ने शुक्रवार की रात एक बड़ा पलटवार किया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारत ने न केवल डटकर मुकाबला किया, बल्कि अब जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की सैन्य संरचनाओं को निशाना बनाना भी शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार रात पाकिस्तान के चार प्रमुख एयरबेस—चकलाला, मुरीदके, बहावलपुर और सियालकोट—को टारगेट किया। इनमें से चकलाला एयरबेस खासतौर पर भारतीय रडार पर था क्योंकि वहीं से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने मिसाइलें दागी थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने अब इस बेस को पूरी तरह निष्क्रिय करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के ठिकानों पर करारा प्रहार

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा। इसी दौरान जब पाकिस्तान की ओर से मिसाइल हमले हुए, तो भारत ने त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए उनके एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया।

भारतीय डिफेंस सिस्टम ने बचाई आम नागरिकों की जान

पाकिस्तान लगातार ड्रोन हमलों से भारत के आम नागरिकों को निशाना बना रहा है, लेकिन भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम हर बार हमलों को नाकाम कर रहा है। इसके बावजूद पाकिस्तान की नापाक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस कारण भारत ने अब न केवल जवाब देना शुरू किया है, बल्कि हमलों के स्रोत को ही खत्म करने की रणनीति अपनाई है।

सीमा पर तीनों सेनाएं हाई अलर्ट पर

पाकिस्तानी हमलों के बाद भारत की थल, वायु और नौसेना तीनों हाई अलर्ट पर हैं। शनिवार सुबह की कार्रवाई में भारतीय सेना ने न केवल चार एयरबेस तबाह किए, बल्कि एलओसी पर स्थित पाकिस्तानी सेना की उन चौकियों को भी ध्वस्त कर दिया जहां से ड्रोन ऑपरेशन संचालित किए जा रहे थे।

निष्कर्ष:
यह स्थिति भारत की सुरक्षा नीति में एक निर्णायक मोड़ की ओर संकेत करती है, जहां अब सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि दुश्मन की सैन्य क्षमता को पूरी तरह निष्क्रिय करना प्राथमिकता बन चुका है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस टकराव की गूंज सुनाई दे सकती है।

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