ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक पलटवार, 100 से अधिक आतंकियों और 40 पाक सैनिकों का खात्मा

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक पलटवार, 100 से अधिक आतंकियों और 40 पाक सैनिकों का खात्मा

NGV PRAKASH NEWS

11 मई 2025, नई दिल्ली:
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना ने आतंक के खिलाफ एक निर्णायक अभियान चलाया, जिसे नाम दिया गया — ऑपरेशन सिंदूर। यह ऑपरेशन न केवल आतंकवादी ठिकानों के विरुद्ध भारत की सख्त नीति का प्रतीक बना, बल्कि पाकिस्तान को उसकी आक्रामक हरकतों का माकूल जवाब भी दिया गया।

सेना ने खोला मोर्चा: रणनीति, लक्ष्य और सफलता

भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना — तीनों अंगों ने एक साझा प्रेस वार्ता में ऑपरेशन की जानकारी दी।
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डीजी एयर ऑपरेशंस ए.के. भारती और डीजी नेवी ऑपरेशंस वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से 7 और 8 मई की रात को ड्रोन और कॉडकॉप्टर के जरिए भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। जवाब में भारत ने सटीक लक्ष्य बनाकर पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों, रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और आतंकी शिविरों पर ताबड़तोड़ हमले किए।

बड़ी कार्रवाई: बहावलपुर और मुरीदके में मिसाइल स्ट्राइक

भारतीय वायुसेना ने बहावलपुर और मुरीदके स्थित आतंकवादी अड्डों पर तीन मिसाइलें दागीं, जिससे वहां मौजूद आतंकी ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए। सेना ने बताया कि 9 बड़े आतंकी शिविरों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से कुछ पाक अधिकृत कश्मीर (POK) और कुछ पंजाब प्रांत में स्थित थे।
इन हमलों में लगभग 100 आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इनमें मुदस्सर हाफिज जमाल, यूसुफ अजहर जैसे प्रमुख आतंकी भी शामिल हैं।

40 पाकिस्तानी सैनिक ढेर, भारत का आर्टिलरी जवाब

7 मई को पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों को टारगेट किया। भारत ने उसी रात जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, और गुजरांवाला का एवॉक्स सिस्टम नष्ट कर दिया।
सेना के अनुसार, आर्टिलरी फायरिंग में 40 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि स्वयं पाकिस्तानी सेना ने की है।

ड्रोन हमलों का मुंहतोड़ जवाब, सटीक एयरस्ट्राइक

डीजी एयर ऑपरेशंस ने बताया कि 8 मई की रात को पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और कॉडकॉप्टर भेजे गए। इनमें कई निगरानी और संभावित आत्मघाती हमले के प्रयास शामिल थे। भारतीय एयर डिफेंस पूरी तरह सक्रिय था और इनमें से अधिकांश ड्रोन सीमा पार ही मार गिराए गए। जवाब में भारतीय वायुसेना ने प्रिसीजन एयर-टू-सर्फेस एम्यूनिशन का प्रयोग कर आतंकी ठिकानों पर अचूक हमले किए।

संदेश साफ: अब सिर्फ POK की वापसी पर होगी बात

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अमेरिका, यूरोप, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक शक्तियों को स्पष्ट रूप से संदेश दे दिया है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है। अब पाकिस्तान से सिर्फ POK की वापसी पर ही कोई बातचीत होगी।
भारत ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की इच्छा को खारिज करते हुए कहा, “अब न मध्यस्थता होगी, न नरमी। आतंक का जवाब आतंक के अड्डों पर ही दिया जाएगा।”

सीजफायर और DGMO स्तर की बातचीत

पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल कासिफ अब्दुल्ला ने 10 मई को भारत के DGMO को हॉटलाइन पर संपर्क किया और शाम 5 बजे से सीजफायर का एलान किया गया। हालांकि भारत के अनुसार, पाकिस्तान ने पहले ही इस पर अमल नहीं किया और ड्रोन के जरिए फिर हमले की कोशिश की।
अब भारत ने स्पष्ट किया है कि DGMO स्तर से नीचे कोई राजनीतिक बातचीत नहीं होगी।

2003 सीजफायर का इतिहास और उल्लंघन

भारत और पाकिस्तान के बीच 2003 का सीजफायर समझौता लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पाकिस्तान बार-बार इसका उल्लंघन करता आया है। 2020 में 5133 बार, 2019 में 3479 बार और 2018 में 2140 बार पाकिस्तान ने सीमा पर फायरिंग की। 2024 तक तो पाकिस्तान लगभग शांत था, लेकिन अप्रैल 2025 से उसने हर सीमा पार कर दी, जिसका जवाब अब उसे ऑपरेशन सिंदूर के रूप में मिला है।


ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई सैन्य नीति का स्पष्ट उदाहरण है — अब आतंकी हमलों पर प्रतीक्षा नहीं, बल्कि तत्काल और कठोर जवाब मिलेगा। भारत ने पाकिस्तान को संदेश दे दिया है कि वह अब “ज्ञान” नहीं, सम्मान और निर्णायक कार्रवाई चाहता है।

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