शिक्षा मंत्री के गांव और उनके गोद लिए स्कूल का जब यह हाल तो बाकी स्कूलों का कैसे होगा बेड़ा पार.

शिक्षा मंत्री के गोद लिए गांव में फेल बच्चों की फौज, शिक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
NGV PRAKASH NEWS विश्लेषण रिपोर्ट

शिमला। हिमाचल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खुद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के पैतृक गांव और उनके द्वारा गोद लिए गए स्कूलों में छात्रों का परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब शिक्षा मंत्री अपने क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति नहीं सुधार पाए तो बाकी प्रदेश के स्कूलों की हालत कैसी होगी?

शिमला जिले के कोटखाई जुब्बड़ के पौटा (धार) गांव में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जो शिक्षा मंत्री का पैतृक स्कूल भी है, वहां इस बार 10वीं कक्षा के सभी छह छात्र फेल हो गए। यह वही स्कूल है जहां पिछले दो वर्षों से गणित के शिक्षक स्टडी लीव पर हैं, लेकिन मंत्री ने इस खाली पद को भरने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

गोद लिए स्कूलों की भी स्थिति बदतर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने जिस जुब्बल स्कूल को औपचारिक रूप से गोद लिया था, वहां 10वीं कक्षा में 20 में से 10 छात्र फेल हो गए। इसी प्रकार, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुब्बल में 19 में से 8 छात्राएं परीक्षा पास नहीं कर सकीं।

पौटा धार स्कूल के प्रधानाचार्य सुनील का कहना है कि दो साल से गणित शिक्षक के अभाव में छात्रों की पढ़ाई बाधित रही, वहीं जुब्बल स्कूल के प्रधानाचार्य केशव शर्मा इस खराब परिणाम का कोई स्पष्ट कारण नहीं बता सके। कन्या स्कूल के प्रधानाचार्य नरेंद्र चौहान ने भी परिणाम पर हैरानी जताई और इसे उम्मीद से कम बताया।

सवालों के घेरे में मंत्री की नीयत और नीति
रोहित ठाकुर के पिता राम लाल ठाकुर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं, और खुद रोहित ठाकुर तीसरी बार विधायक हैं। लेकिन शिक्षा मंत्री होते हुए भी उनके गांव और गोद लिए स्कूलों की ऐसी दुर्दशा प्रदेश की शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

दिलचस्प बात यह भी है कि मंत्री का बेटा शिमला के महंगे और प्रतिष्ठित बिशप कॉटन स्कूल में पढ़ता है, जबकि ग्रामीण सरकारी स्कूलों में शिक्षक तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में आम जनता में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या शिक्षा मंत्री की प्राथमिकता केवल शहरी और निजी स्कूलों तक ही सीमित है?

प्रदेश में कुल पास प्रतिशत 79.08%
हिमाचल प्रदेश में इस साल 10वीं बोर्ड में कुल पास प्रतिशत 79.08% रहा है। प्रदेश की टॉपर कांगड़ा की साइना ठाकुर रही हैं, जिन्होंने 99.43% अंक हासिल किए हैं।

शिक्षा मंत्री ने अब खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों से रिपोर्ट मांगी है, लेकिन यह कदम तब उठाया गया जब मामला सार्वजनिक हो चुका है। क्या यह केवल मीडिया की नजर में आने के बाद उठाया गया प्रतीकात्मक कदम है, या शिक्षा में वास्तविक सुधार की कोई नीति भी तैयार की जा रही है – यह देखने वाली बात होगी।


एक तरफ जहां हिमाचल प्रदेश सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्री के गांव में सभी छात्र फेल हो रहे हैं। यह विडंबना नहीं तो और क्या है? अगर सरकार अपने ही मंत्री के गांव में शिक्षा की बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही, तो अन्य दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति की कल्पना ही भयावह है।

NGV PRAKASH NEWS

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