एक तमंचे का व्यवस्था कर दो पंडित को जेल भेजना है दरोगा ने कहा…


अमेठी: दारोगा का वायरल ऑडियो, अवैध तमंचा देकर जेल भेजने की साजिश पर सियासी संग्राम

अमेठी, 1 जून 2025 (NGV PRAKASH NEWS)।
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली में तैनात दारोगा हेम नारायण सिंह का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस ऑडियो में दारोगा कथित तौर पर एक व्यक्ति को अवैध तमंचे के साथ फंसा कर जेल भेजने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में वह अपने मुखबिर हिमांशु को साफ शब्दों में कहते सुने जा सकते हैं:
“दो घंटे में एक 315 बोर चाहिए, पंडित को जेल भेजना है। जो भी पैसा होगा, हम दे देंगे।”

ऑडियो वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस ऑडियो क्लिप को अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से साझा करते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सीधा सवाल उठाया। अखिलेश यादव ने लिखा:
“नए कार्यवाहक डीजीपी साहब के स्वागत में जारी, उप्र की ईमानदार पुलिस का स्तुति संवाद। नवागंतुक प्रथम विभागीय कार्रवाई करने का ये सुनहरा अवसर न गंवाएं, बल्कि न्याय करके दिखाएं और ये कहकर किसी प्रश्रय प्राप्त को न बचाएं कि ये तो ‘AI’ से छेड़छाड़ करके बनाया गया आडियो है। जनता अब ऐसे बहानों से तंग आ चुकी है। कौन तमंचे की नकली बरामदगी दिखाकर, किस को बुक करना चाहता है, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।”

इस बयान के बाद मामला और गर्मा गया है। अमेठी पुलिस ने आनन-फानन में प्रेस नोट जारी कर सफाई पेश की। पुलिस ने कहा कि ऑडियो में मुखबिर बताया जा रहा व्यक्ति असल में एक आपराधिक प्रवृत्ति का आदमी है। पुलिस ने बताया कि उसे 8 मई को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था, और इस संबंध में रिकॉर्ड भी मौजूद है।

प्रेस नोट में यह भी कहा गया कि ऑडियो में जिसका नाम लिया गया, उसे न तो थाने लाया गया और न ही उसके खिलाफ कोई चालान हुआ। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

लेकिन सवाल यही है कि अगर ऑडियो सही है, तो क्या पुलिस में बैठे कुछ लोग साजिश के तहत निर्दोषों को फर्जी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या यह मामला एक बड़े नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहा है?

फिलहाल यह प्रकरण सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। लोग जानना चाहते हैं कि इस वायरल ऑडियो की सच्चाई क्या है और क्या आरोपी दारोगा पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी राजनीतिक दबाव में दब जाएगा।

(NGV PRAKASH NEWS)

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