कोलकाता में लॉ छात्रा से गैंगरेप, तीन गिरफ्तार

कोलकाता लॉ छात्रा गैंगरेप मामला: कॉलेज परिसर में ही दरिंदगी, तीन आरोपी गिरफ्तार — महिला आयोग और राजनीतिक गलियारों में उबाल
आरजी कर कांड के 10 महीने बाद फिर शर्मसार हुआ कोलकाता

कोलकाता, 27 जून 2025 | NGV PRAKASH NEWS
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता एक बार फिर महिला सुरक्षा के मामले में कठघरे में खड़ी है, जहां शहर के कस्बा इलाके में एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ कॉलेज परिसर में ही कथित सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। इस घिनौने अपराध को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों में दो वर्तमान छात्र और एक पूर्व छात्र शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और मनोवैज्ञानिक सहयोग जारी है।

यह वारदात 25 जून की शाम को हुई जब पीड़िता कॉलेज पहुंची थी। आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर कॉलेज परिसर के एक कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। छात्रा की शिकायत पर कस्बा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने 26-27 जून को सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी और जांच की स्थिति

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में –

  • मोनोजीत मिश्रा (31): कॉलेज इकाई का पूर्व अध्यक्ष
  • जैब अहमद (19): वर्तमान छात्र
  • प्रमित मुखर्जी (20): वर्तमान छात्र

इनमें से दो को तालबगान क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि तीसरे को उसके घर से पकड़ा गया। सभी के मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। कोर्ट ने तीनों को 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू

घटना सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी भूचाल आ गया है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इस जघन्य अपराध में तृणमूल का एक सदस्य शामिल है, हालांकि उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान

इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने सख्त रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर तीव्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 396 के तहत पीड़िता को मुआवजा, चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। आयोग ने तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आरजी कर कांड की यादें फिर ताजा

इस घटना ने कोलकाता को एक बार फिर आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड की भयावह यादों में धकेल दिया है। ठीक 10 महीने पहले, एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ उसी कॉलेज परिसर में दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई थी। उस मामले में दोषी पाए गए संजय रॉय को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

क्या कॉलेज परिसर अब सुरक्षित हैं?

कॉलेज जैसी संस्थाएं, जो ज्ञान, विकास और सुरक्षा के केंद्र माने जाते हैं, लगातार हिंसा और अपराध के अड्डे बनते जा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या शिक्षण संस्थानों में महिलाएं अब सुरक्षित हैं? और क्या कॉलेज प्रबंधन ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था रखता है?

न्याय की राह लंबी, लेकिन जरूरी

जहां पुलिस और महिला आयोग तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं यह मामला फिर यही सोचने पर मजबूर करता है कि बेटियों के लिए कॉलेज भी अब सुरक्षित नहीं रहे। क्या सिर्फ गिरफ्तारियों से समाधान होगा, या संस्थागत संरचनाओं, प्रशासनिक सख्ती और सामाजिक चेतना के मेल से ही ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है?

: NGV PRAKASH NEWS
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