राजधानी में चाकूबाजों का आतंक, पुलिस की नर्मी से बढ़े बदमाशों के हौंसले

रायपुर: राजधानी में चाकूबाजों का आतंक, पुलिस की नर्मी से बढ़े बदमाशों के हौंसले
(रिपोर्ट: मेघा तिवारी)

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चाकूबाजों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। स्थानीय थानों और क्राइम ब्रांच की तमाम कोशिशों के बावजूद शहर में सक्रिय आदतन अपराधी और नवोदित चाकूबाज लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की कथित नर्मी और ढिलाई के चलते अपराधियों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं।

ताजा मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र का है, जहां बीती रात एक बार फिर चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात ने लोगों को दहला दिया। इस वारदात में हिस्ट्रीशीटर अभय रक्सेल और अंकुश रात्रे समेत अन्य आरोपियों ने मिलकर अहसान नामक युवक पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अहसान को आनन-फानन में अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी अंकुश रात्रे, फरार चल रही कुख्यात चाकूबाज मुस्कान रात्रे का भाई है, जो पहले भी कबीर नगर क्षेत्र में चाकूबाजी की वारदात को अंजाम दे चुकी है। वहीं अभय रक्सेल और अंकुश रात्रे दोनों ही नशीले टेबलेट, अवैध जुआ, गांजा, शराब और अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। इनपर पॉकेटमारी और कई आपराधिक मामलों में भी संलिप्तता रही है।

गौरतलब है कि पिछले साल भी अंकुश रात्रे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोहल्लेवालों और पुलिस टीम पर घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगाकर हमला किया था। यह घटना बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी, लेकिन समय रहते स्थिति को काबू में कर लिया गया था।

यह भी बताया जा रहा है कि रात्रे और रक्सेल परिवार के अन्य सदस्य भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि रायपुर की अपराध की ज़मीन पर अब संगठित चाकूबाज गिरोह उभरकर सामने आ रहे हैं, जिनके खिलाफ ठोस और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है।

स्थानीय नागरिकों ने लगातार हो रही घटनाओं के खिलाफ आवाज़ उठानी शुरू कर दी है और पुलिस प्रशासन से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि राजधानी को अपराधमुक्त बनाया जा सके।

NGV PRAKASH NEWS

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