बहुचर्चित छांगूर बाबा कांड में सातवीं पास नसरीन कैसे बन गई

धर्म की आड़ में षड्यंत्र: छांगुर बाबा और नसरीन की ‘कोठी से होटल’ तक की काली दास्तां
— NGV PRAKASH NEWS

लखनऊ/बलरामपुर, 10 जुलाई 2025।
उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई में जिस शख्स की गिरफ्तारी ने पूरे राज्य को चौंका दिया, वह कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि धर्मांतरण के सुनियोजित नेटवर्क का मास्टरमाइंड निकला — जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा। बाबा की पहचान किसी सूफी, पीर या आध्यात्मिक गुरु जैसी भले बनी हो, लेकिन उसके पीछे का चेहरा एक खतरनाक षड्यंत्रकारी का है, जो धर्म के नाम पर मासूम और गरीब परिवारों की जिंदगियों से खेलता रहा।

आलीशान कोठी नहीं, धर्मांतरण का गढ़ था

बलरामपुर के रेहरा माफी गांव में छांगुर बाबा की 70 कमरों वाली कोठी महज एक इमारत नहीं, बल्कि एक ऑपरेशन सेंटर थी, जहां से देशभर में धर्मांतरण का जाल फैलाया गया। मंगलवार को प्रशासन ने इस काले साम्राज्य को ढहाने के लिए 9 बुलडोजर उतारे, लेकिन अब तक सिर्फ 20 कमरे और 40 फीट का हॉल ही ध्वस्त हो सका है। 40 अन्य कमरे बुधवार को भी निशाने पर हैं। ATS के अनुसार, इसी कोठी से छांगुर पूरे नेटवर्क को संचालित करता था।

सातवीं पास ‘गर्लफ्रेंड’ बनी थी मास्टरमाइंड

चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे गिरोह की एक अहम कड़ी थी — छांगुर की गर्लफ्रेंड नीतू नवीन रोहरा, जिसने धर्म परिवर्तन कर नसरीन नाम धारण किया। महज सातवीं पास यह महिला एक मध्यमवर्गीय सिंधी परिवार से आती थी। 2015 में पति के साथ दुबई गई और वहीं इस्लाम कबूल कर लिया। बाद में छांगुर बाबा की नज़दीकी बन गई और धीरे-धीरे उसके धर्मांतरण गिरोह की ‘स्ट्रैटेजिक हेड’ बन बैठी।

नीतू ही गरीब हिंदू परिवारों को पहले चमत्कारों का झांसा देती, फिर आर्थिक मदद का लालच देकर जाल में फंसाती और अंत में छांगुर से मिलवाकर धर्म बदलवाती थी। उसका पति नवीन रोहरा उर्फ जलालुद्दीन भी इसी षड्यंत्र में कर्ज देकर लोगों को मजबूर करता था।

विदेश से संचालित होती थी रणनीति

ATS जांच में यह भी सामने आया कि नीतू और नवीन ने 2014 से 2019 के बीच 19 बार यूएई की यात्रा की। इनमें से सिर्फ एक बार वे साथ गए, लेकिन हर बार अलग-अलग लौटे। यही नहीं, बलरामपुर सिविल कोर्ट में छांगुर को ‘गुरु’ मानने का शपथ-पत्र तक दाखिल किया गया था। धर्म परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज भी दुबई से लाए गए।

होटल बना था धर्मांतरण का नया अड्डा

जब पुलिस ने छांगुर और नसरीन को लखनऊ के विकास नगर स्थित स्टार रूम्स होटल से गिरफ्तार किया, तब यह पता चला कि दोनों बीते 70 दिन से होटल के कमरा नंबर 102 में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। होटल ही धर्मांतरण का नया केंद्र बन चुका था, जहां गरीब लड़कियों को लाया जाता, ब्रेनवॉश किया जाता और फिर उनका मजहब बदलवाया जाता। छांगुर के पास से एक धार्मिक किताब ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ भी बरामद हुई है, जो उसके ‘ब्रेनवॉशिंग टूल’ का हिस्सा थी।

शातिर नसरीन का टारगेट — हिंदू लड़कियां और परिवार

एटीएस के अनुसार, नसरीन सबसे पहले गरीब हिंदू लड़कियों से दोस्ती करती थी। फिर उन्हें बताती थी कि “मुस्लिम बनने के बाद उसकी किस्मत बदल गई है”। नतीजा — लड़कियों के साथ-साथ पूरा परिवार धर्म परिवर्तन की चपेट में आ जाता था।


निष्कर्ष:
छांगुर बाबा और नसरीन का गठजोड़ महज एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि एक खतरनाक ‘धार्मिक घोटाले’ की मिसाल है। इस काले खेल का पर्दाफाश अब जरूरी था, और यूपी पुलिस व एटीएस ने वह कर दिखाया। लेकिन बड़ा सवाल ये है — क्या यह नेटवर्क यहीं खत्म हो जाएगा या इसकी जड़ें और भी गहरी हैं?

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👉 फोटो सोशल मीडिया के सौजन्य से

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