8 लाख की भीड़ और प्रशासन नें इस तरह सभाला मोर्चा..

👉 ज्ञान प्रकाश दुबे की विशेष रिपोर्ट..

भव्यता, सुरक्षा और समर्पण के साथ सकुशल संपन्न हुआ कांवड़ मेला — प्रशासनिक सतर्कता और पुलिस तंत्र की रही चाकचौबंद भूमिका

बस्ती, जुलाई 2025।
श्रावण मास में भक्ति और आस्था की अद्भुत छटा बिखेरते हुए भदेश्वरनाथ धाम में संपन्न हुआ कांवड़ मेला प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूरी तरह सफल और अनुकरणीय रहा। इस विशाल आयोजन को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का समर्पण, सतर्कता और अथक परिश्रम हर मोर्चे पर दिखाई पड़ा।

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अभिनंदन, मण्डलायुक्त अखिलेश सिंह, और डीआईजी संजीव त्यागी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा खुद संभालते हुए आयोजन की लगातार मॉनिटरिंग की। इन अधिकारियों की कार्यशैली में न केवल नेतृत्व की दृढ़ता थी, बल्कि स्थलीय निरीक्षण और जमीनी स्तर तक निगरानी की स्पष्ट झलक भी दिखी।

इनके साथ प्रशासनिक ढांचे की मजबूत कड़ी बने अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह, जिन्होंने न केवल निरीक्षण किया बल्कि 24 घंटे क्षेत्र में अलर्ट रहकर कानून-व्यवस्था की कमान संभाले रखी।

क्षेत्रीय समन्वय का बेहतरीन उदाहरण बने चारों क्षेत्राधिकारी —
सदर के क्षेत्राधिकारी सतेंद्र भूषण त्रिपाठी, कलवारी के क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी, हरैया के क्षेत्राधिकारी संजय सिंह तथा रुधौली की क्षेत्राधिकारी स्वर्णिमा सिंह, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न केवल प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण को पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ संभाला।

थानास्तर पर दिखा जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण

यदि मेला क्षेत्र की बारीक निगरानी की बात करें तो कई थाना प्रभारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे:

👉थाना परसरामपुर के प्रभारी भानु प्रताप सिंह,

👉थाना छावनी के प्रभारी जनार्दन प्रसाद,

👉थाना हरैया के प्रभारी तहसीलदार सिंह,

👉थाना कप्तानगंज के थाना प्रभारी,

👉नगर थाना के प्रभारी चंदन कुमार,

👉कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र चौधरी —

इन सभी ने क्षेत्र में सुरक्षा की बहाली, भीड़ प्रबंधन, कांवड़ मार्ग पर गश्त और समय पर उपस्थित रहकर सभी व्यवस्थाओं को कुशलतापूर्वक क्रियान्वित किया।

👉फुटहिया पड़ाव और भदेश्वरनाथ धाम — दो प्रमुख बिंदुओं पर रहा विशेष ध्यान

नगर क्षेत्र में स्थित ‘फुटहिया पड़ाव’, जहां पर कांवड़ियों की सबसे अधिक भीड़ और ठहराव देखा गया, वहां थानाध्यक्ष नगर चंदन कुमार की रणनीतिक समझ और सामयिक निर्णय क्षमता ने बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, भदेश्वरनाथ धाम, जो कोतवाली क्षेत्र में आता है, वहां प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र चौधरी ने खुद उपस्थित रहकर न केवल सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ मानवीय संवाद बनाए रखते हुए पूर्ण व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभाला।

छोटे-छोटे व्यवधानों को भी समय रहते किया गया नियंत्रित

पूरे आयोजन के दौरान एकाध छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो पूरा मेला शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इसका श्रेय एक संयुक्त समर्पित प्रयास को जाता है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी से लेकर सिपाही स्तर तक के हर कर्मचारी ने अपनी भूमिका को निष्ठा से निभाया।

इस पूरी यात्रा की रचनात्मक, संगठित और सतत निगरानी के केंद्र में रहे —
डीआईजी संजीव त्यागी, जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अभिनंदन तथा अपर पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह।
इन अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा शुरू होने के पहले दिन से लेकर अंतिम दिन तक अयोध्या बॉर्डर से लेकर भदेश्वरनाथ मंदिर तक स्वयं भ्रमण करते हुए हर छोटी-बड़ी स्थिति को न केवल देखा, बल्कि तत्काल समाधान भी प्रस्तुत किया।

कांवड़ मेला 2025 केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, यह प्रशासनिक समन्वय, अनुशासित पुलिस प्रबंधन और जन सहयोग का जीवंत उदाहरण भी बना।
बस्ती जनपद के प्रशासन और पुलिस विभाग को यह साफ, सुरक्षित और समर्पित संचालन हेतु बधाई देना एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सच्ची प्रशंसा होगी।

NGV PRAKASH NEWS

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