अब यू.पी. में मंदिर पर हादसा: गेट पर बिजली का तार गिरने से मची भगदड़ में 2 की मौत दर्जनों घायल

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सावन के सोमवार पर बाराबंकी में हादसा: मंदिर गेट पर बिजली का तार गिरने से भगदड़, 2 की मौत, 35 घायल
— NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट
बाराबंकी | 28 जुलाई 2025

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद सावन के सोमवार पर बाराबंकी जिले के श्रद्धालुओं को एक और दर्दनाक त्रासदी का सामना करना पड़ा। हैदरगढ़ तहसील के प्रसिद्ध अवसानेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार पर सोमवार तड़के करीब 3 बजे अचानक बिजली का हाई वोल्टेज तार टूटकर गिर पड़ा। तार मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर लगे लोहे के टीन शेड और पाइप पर गिरा, जिससे पूरे क्षेत्र में करंट दौड़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस हादसे में प्रशांत पुत्र राम गोपाल, निवासी मुबारकपुर, थाना लोनीकटरा, की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। करीब 35 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से कई को नज़दीकी त्रिवेदीगंज और हैदरगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय लोगों और मंदिर प्रशासन की मानें तो घटना का कारण एक बंदर बताया जा रहा है। सुबह दर्शन के लिए लगी भीड़ के दौरान एक बंदर बिजली के तारों पर कूद गया, जिससे तार टूटकर सीधे मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर गिर गया। चूंकि मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोहे की पाइपिंग और टीन शेड लगाए थे, उसमें करंट फैल गया। इसी करंट की चपेट में आने से यह हादसा हुआ। जैसे ही श्रद्धालुओं को करंट फैलने की जानकारी हुई, अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रशासनिक हरकत में

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएम ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और श्रद्धालुओं के इलाज के सभी इंतज़ाम प्राथमिकता पर किए जा रहे हैं।

घटना के कारण आज सुबह 8 बजे मंदिर परिसर में प्रस्तावित हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। डीएम ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मंदिर में दर्शन-पूजा सुचारु रूप से चल रही है।

प्रशासन पर उठे सवाल

यह हादसा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा उपायों की पोल खोलता है। बिजली के तारों की मरम्मत और ऊँचाई पर उनकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही साफ नज़र आती है। एक धार्मिक आयोजन के दौरान ऐसी लापरवाही न केवल प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सतर्कता और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग भी करती है।

सावन में सुरक्षा को लेकर चेतावनी

हरिद्वार में हुई भगदड़ के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है जिसने सावन में उमड़ने वाली श्रद्धालु भीड़ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आगामी सोमवारों में किसी अनहोनी से बचने के लिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।


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