

🌧 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से तबाही – 56 की मौत, 200 लापता, सेना और बचाव दल का बड़ा अभियान
जम्मू, 15 अगस्त 2025 –
स्वतंत्रता दिवस के दिन जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पहाड़ों के बीच स्थित चशोती गांव पर प्रकृति का कहर टूट पड़ा। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच यहां भीषण बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे इलाके को तबाह कर दिया।
आपदा प्रबंधन के अधिकारी मोहम्मद इरशाद के मुताबिक, गुरुवार रात बचाव कार्य रोकने से पहले 56 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि करीब 200 लोग अब भी लापता हैं। आशंका है कि कई लोग मलबे में दबे हुए हैं।
🚨 बचाव कार्य में जुटी सेना
सेना और स्थानीय रेस्क्यू टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक 300 से अधिक लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में CISF के कम से कम दो जवान भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
🛕 श्रद्धालु और लंगर सबसे ज्यादा प्रभावित
यह हादसा मचैल माता मंदिर यात्रा मार्ग पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
चशोती गांव तक श्रद्धालु वाहन से आते हैं और वहां से 8.5 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई कर मंदिर पहुंचते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए एक लंगर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा। बादल फटने के बाद आई तेज धारा में दुकानें, एक सुरक्षा चौकी और कई इमारतें बह गईं।
🎥 घटनास्थल का मंजर
वीडियो फुटेज में कीचड़, मलबा और पानी की तेज धार खड़ी ढलानों से उतरते हुए दिखाई दे रही है, जिसने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को नष्ट कर दिया।
घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए, सड़कें और बचाव मार्ग बंद हो गए, और हरा-भरा इलाका मलबे के ढेर में बदल गया।
🇮🇳 पीएम मोदी और राष्ट्रपति की संवेदनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा—
“जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”
(NGV PRAKASH NEWS)
