

19 अगस्त 25.
गाजीपुर: सनबीम स्कूल में छात्र की चाकूबाजी से मौत, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
गाजीपुर के महराजगंज स्थित सनबीम स्कूल में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब नौवीं कक्षा के एक छात्र ने दसवीं के छात्र आदित्य वर्मा (15) पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आदित्य की मौत हो गई, जबकि आरोपी सहित तीन छात्र घायल हो गए। घायल छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से चाकू बरामद कर लिया है, जिसे आरोपी छात्र पानी की बोतल में छिपाकर लाया था।
छात्र ने स्कूल की पोल खोली
इस घटना के बाद आदित्य के दोस्त नमन जायसवाल का वीडियो वायरल हुआ है। नमन ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन सच छुपाने और मामले को “एक्सीडेंट” बताने का दबाव बना रहा था ताकि बदनामी न हो। उसने बताया कि वारदात से पहले आरोपी छात्र और आदित्य के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में आरोपी और उसके साथी ने बाथरूम में घात लगाकर हमला किया। आरोपियों के पास फाइटर (लोहे का पंजा) और चाकू थे।
नमन ने यह भी कहा कि आरोपी छात्र पहले भी कई बार झगड़े कर चुका था। 14 अप्रैल को भी उसने एक छात्र को मारा-पीटा था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया था।
प्रबंधन पर उठे सवाल
स्कूल के निदेशक नवीन सिंह का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद तीन दिन स्कूल बंद था। जब स्कूल खुला तो छात्रों की तलाशी और जांच की तैयारी की जा रही थी, लेकिन तब तक यह घटना हो गई। उनका दावा है कि स्कूल में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा मानक मौजूद हैं। बावजूद इसके, आरोपी छात्र पानी की बोतल में छिपाकर चाकू ले आया और घटना को अंजाम दे दिया।
पिता का आरोप – “लापरवाही से गई जान”
मृतक छात्र आदित्य वर्मा के पिता शिवजी ने पुलिस को दी तहरीर में स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, “हमने बच्चे को अच्छी शिक्षा और सुरक्षित माहौल के लिए वहां भेजा था, लेकिन प्रबंधन की लापरवाही ने उसकी जान ले ली। अब स्कूल जिम्मेदार घटना को दबाने की कोशिश कर रहा है।”
अभिभावकों का गुस्सा
इस वारदात के बाद अन्य अभिभावक भी नाराज हैं। उनका आरोप है कि स्कूल मोटी फीस तो लेता है, लेकिन सुरक्षा और सुविधाओं में लापरवाही बरतता है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटा लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 15 अगस्त को छात्रों के दो गुटों में विवाद हुआ था, लेकिन उसकी असली वजह का पता लगाया जा रहा है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आदित्य की मौत की खबर सुनकर पिता शिवजी अस्पताल पहुंचे तो बेसुध हो गए। मां गुड़िया को जैसे ही जानकारी मिली, वह बदहवास हो गईं। बेटे का शव देखकर पिता बार-बार सिर सहलाकर दुलारते रहे। इस दर्दनाक नजारे को देखकर अस्पताल में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
गाजीपुर की यह वारदात न केवल शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लापरवाही का नतीजा कितना भयावह हो सकता है।
(NGV PRAKASH NEWS)
