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लखनऊ से बड़ी खबर: विदेशी नागरिकों के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला गिरोह बेनकाब
लखनऊ,
23 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने शुक्रवार को एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रोहिंग्या, बांग्लादेशी और नेपाली नागरिकों समेत विदेशी नागरिकों को फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध करा रहा था। एडीजी (कानून-व्यवस्था एवं एसटीएफ) अमिताभ यश ने बताया कि इस ऑपरेशन में गिरोह के 8 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि देर शाम सहारनपुर से दो और आरोपी पकड़े गए।
नौ राज्यों तक फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तराखंड में सक्रिय था। गिरोह इलेक्ट्रॉनिक और मैनुअल दोनों तरीकों से जालसाजी करता था और लंबे समय से गुपचुप तरीके से अपनी गतिविधियां चला रहा था।
ऐसे तैयार होते थे फर्जी आधार कार्ड
गिरोह के सदस्य अधिकृत जन सेवा केंद्रों में काम करने वालों से पंजीकरण प्रक्रिया की बारीकियां सीख लेते थे। इसके बाद वे आधार पंजीकरण से जुड़े उपयोगकर्ताओं की आईडी-पासवर्ड, अंगूठे और आईरिस स्कैन जैसी संवेदनशील जानकारियां गैरकानूनी तरीके से हासिल कर लेते थे। इन्हीं का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों व दस्तावेजों में बदलाव कराने वालों को फर्जी आधार कार्ड जारी किए जाते थे।
दलालों के जरिए कारोबार, 2,000 से 40,000 रुपये तक वसूली
फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए दलालों का इस्तेमाल होता था। जरूरतमंदों को नकली जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और शपथ पत्र तैयार कराए जाते थे। इसके बदले गिरोह 2,000 से लेकर 40,000 रुपये तक वसूलता था। ये फर्जी आधार कार्ड आगे पासपोर्ट बनवाने, अन्य भारतीय दस्तावेज तैयार करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक में उपयोग किए जाते थे।
भारी मात्रा में उपकरण और नकली दस्तावेज बरामद
एटीएस ने छापेमारी में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन उपकरण, डमी यूजर प्रोफाइल, अधिकारियों की नकली मुहरें, पहले से तैयार आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन का मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार आरोपियों में शामिल है। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित एटीएस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के जरिए गिरोह के बाकी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को तलाशा जा रहा है।
👉 यह खुलासा केवल फर्जी दस्तावेज़ कारोबार की गंभीरता ही नहीं दिखाता, बल्कि यह भी बताता है कि ऐसे गिरोह आंतरिक सुरक्षा के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं।
(NGV PRAKASH NEWS)
