कांग्रेस विधायक के घर ई ड़ी ने मारा छापा, 12 करोड़ कैश और करोड़ों की जेवलरी बरामद..

ऑनलाइन गेमिंग बिल पास होने के 24 घंटे बाद बड़ा खुलासा, कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र के घर से 12 करोड़ कैश बरामद

बेंगलुरु, 24 अगस्त 2025।
ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद से पास होने के ठीक अगले ही दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर कर्नाटक की राजनीति को हिला दिया। चितदुर्गा जिले से कांग्रेस विधायक के. सी. वीरेंद्र के घर से 12 करोड़ रुपये नकद, लगभग 6 करोड़ की ज्वेलरी, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाड़ियां बरामद की गईं। बरामद कैश में 1 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा भी शामिल है।

ऑनलाइन सट्टेबाजी और कैसिनो कनेक्शन

ईडी की जांच में सामने आया कि वीरेंद्र और उनके परिवार के सदस्य बड़े पैमाने पर ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी कारोबार में शामिल हैं। ‘King567’, ‘Raja567’ जैसी साइट्स इन्हीं के नेटवर्क से संचालित होती थीं। इसके साथ ही वीरेंद्र के भाई के. सी. थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां—डायमंड सॉफ्टटेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज—चलाता था, जिनका कॉल सेंटर सेवाओं और ऑनलाइन गेमिंग बिज़नेस से सीधा संबंध पाया गया। परिवार के अन्य सदस्य, जिनमें के. सी. नागराज और उनका बेटा पृथ्वी एन. राज शामिल हैं, भी इस नेटवर्क से जुड़े मिले।

देशभर में 31 जगह छापेमारी

ईडी ने शनिवार को 31 लोकेशन पर छापेमारी की। इसमें बेंगलुरु, हुबली, चितदुर्गा, मुंबई, गोवा, जोधपुर और गंगटोक शामिल हैं। गोवा में पांच बड़े कैसिनो—पप्पी’स कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पप्पी’स कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो—पर भी कार्रवाई की गई।

गंगटोक से हुई गिरफ्तारी

जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि विधायक वीरेंद्र गंगटोक में एक लैंड कैसिनो लीज पर लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दौरान ईडी ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को स्थानीय कोर्ट में पेश करने के बाद ईडी ने उन्हें बेंगलुरु कोर्ट ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया।

मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत

छापों के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे यह साफ हुआ कि अवैध कमाई को लेयरिंग और हवाला नेटवर्क के जरिए सफेद दिखाने की कोशिश की जा रही थी। एजेंसी ने 17 बैंक खाते और दो लॉकर भी सीज़ कर दिए हैं।

राजनीतिक भूचाल

ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी भारी हलचल पैदा कर रहा है। खासतौर पर ऐसे समय में जब केंद्र सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त बिल पास किया है, एक सत्तारूढ़ विधायक का इस तरह के नेटवर्क में शामिल होना कांग्रेस के लिए गहरा झटका साबित हो सकता है।

(NGV PRAKASH NEWS)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *