स्टेशन पर की जाती थी “मुंह दिखाई” पसंद आने पर ग्राहकों को की जाती थी सप्लाई..

NGV PRAKASH NEWS

मुरादाबाद
25 अगस्त 2025

मुरादाबाद में पुलिस ने देह व्यापार और मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार न केवल कई जिलों बल्कि अन्य राज्यों तक जुड़े पाए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह गोशाला और कांशीराम नगर के कमरों से आगे बढ़कर मुरादाबाद रेलवे स्टेशन तक सक्रिय था। यहां लड़कियों को रात के समय ले जाया जाता और टिकटघर के सामने व वेटिंग एरिया में उनकी बोली लगाई जाती थी। ग्राहक को “मुंह दिखाई” कराई जाती थी और सौदा तय होने के बाद लड़कियों को वापस कांशीराम नगर भेज दिया जाता था।

इस गिरोह के सदस्य बेहद संगठित तरीके से काम करते थे। रेलवे स्टेशन पर गेट से लेकर अंदर तक तीन-चार लोगों की ड्यूटी रहती थी, ताकि किसी लड़की के भागने की स्थिति में उसे तुरंत पकड़ा जा सके। इसके अलावा लड़कियों को अमरोहा तक भी ले जाया जाता और वहां विभिन्न घरों में रात भर रखा जाता था। पुलिस को अब तक केवल दो महिलाओं के खरीदे जाने की जानकारी मिली है, लेकिन यह संख्या कहीं अधिक बताई जा रही है।

रविवार को पुलिस ने बरेली, अतरछेड़ी गांव और अन्य स्थानों पर दबिश दी, जहां गिरोह की सदस्य हसीन के ठिकाने थे। हालांकि, अब तक उसके द्वारा खरीदी गई महिला बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस हसीन और पिंकी नामक महिलाओं को पकड़ने की कोशिश कर रही है, जो अभी फरार हैं। हसीन को उसके गांव में लोग “हसीना” के नाम से जानते हैं। वहीं गिरोह का सरगना सचिन ठाकुर बरेली जिले के अतरछेड़ी गांव का रहने वाला है।

गिरोह का संचालन फिल्मी अंदाज में किया जाता था। ग्राहकों से पहले कोडवर्ड तय होते थे। रेलवे स्टेशन के वेटिंग एरिया में बैठने वाली गोल स्लैब पर लड़कियों को बैठाया जाता, जहां कपड़ों के रंग का कोड ग्राहक को पता होता। ग्राहक को कोडवर्ड बताने के बाद लड़की की ओर इशारा किया जाता और संतुष्टि जताने पर “थंब चिह्न” बनाकर सौदा पक्का कर दिया जाता। उसके बाद ग्राहक को गोशाला लाया जाता, जहां सौदा पूरा होता था।

गिरोह के सरगना सचिन ठाकुर का आपराधिक इतिहास भी पुलिस के रडार पर है। वह पहले ट्रेनों में चोरी करता था और रामपुर, मुरादाबाद तथा बरेली जीआरपी में उस पर कई मामले दर्ज हैं। समय के साथ पिंकी जैसी महिलाओं का साथ पाकर उसने देह व्यापार और मानव तस्करी का संगठित गिरोह खड़ा कर लिया। अब इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित कर छापेमारी तेज कर दी है।

पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि पिंकी की डायरी से करीब 200 मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनमें कई सफेदपोश लोगों के नाम सामने आने की आशंका है। फिलहाल पुलिस उन नंबरों को ट्रेस कर रही है।

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद साफ है कि गिरोह का जाल बेहद बड़ा और खतरनाक है, जिसे तोड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है।

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