NGV PRAKASH NEWS


नई दिल्ली, 25 सितंबर 2025 —
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट रिसर्च में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी चिंता पैदा कर दी है। छात्राओं ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ डॉ. पार्थसारथी पर करियर बर्बाद करने की धमकी और लालच देकर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
आरोपों के अनुसार चैतन्यानंद लड़कियों को दो तरीकों से अपने कमरे में बुलाता था। पहला, विदेश घूमने, पैसे या करियर बनाने का लालच देकर और दूसरा, करियर को बर्बाद करने की धमकी देकर। सूत्रों के मुताबिक, वह विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस (अत्यंत आर्थिक रूप से कमजोर) छात्राओं को निशाना बनाता था, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर होने का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसा सके।
जांच में यह भी सामने आया कि संस्थान में दस कर्मचारी—वार्डन, शिक्षक और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत—रडार पर हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी छात्राओं को आरोपी के पास आने के लिए दबाव डालते थे और मोबाइल पर आए अश्लील संदेश हटाने में मदद करते थे। कुछ मामलों में मोबाइल की स्क्रीनशॉट की जांच कर छात्राओं को डराया भी गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक करीब 50 छात्राओं के मोबाइल की जांच की जा चुकी है और चैट्स डिलीट करा दी गई हैं। आरोपी ने संस्थान के सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट करवा दिए थे। सुरक्षा को लेकर संस्थान के बाहर बाउंसर तैनात कर दिए गए हैं, जबकि संस्थान ने सभी संपर्क नंबर और वेबसाइट पर सार्वजनिक जानकारी बंद कर दी है।
आरोपी 62 वर्षीय चैतन्यानंद पर कथित तौर पर 28 पुस्तकें लिखने का दावा भी है। उनका परिचय एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर, लेखक, वक्ता और प्रबंधन शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित हस्ती के रूप में कराया गया था। आरोपों के उजागर होने के बाद उनके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले ने शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा और शक्ति संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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