कांग्रेस विधायक के घर से 40 किलो सोना, नोटों का अंबार तथा 150 करोड़ की बेनामी संपत्ति बरामद..

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कर्नाटक में कांग्रेस की “मोहब्बत की दुकान” बेनकाब, विधायक K. C. वीरेन्द्र के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई

बेंगलुरु | 12 अक्टूबर 2025

कर्नाटक में राजनीति और धन के गठजोड़ को उजागर करने वाली एक बड़ी कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस विधायक K. C. वीरेन्द्र उर्फ पप्पी के कई ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध संपत्ति का खुलासा किया है। इस कार्रवाई से प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है।

ED की टीम ने विधायक से जुड़े बेंगलुरु समेत कई ठिकानों पर छापेमारी करते हुए लगभग 40 किलो सोना, नोटों के पहाड़ और करीब 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का पता लगाया। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान जो सोना बरामद हुआ, उसकी अनुमानित कीमत ही लगभग 50 करोड़ रुपये से अधिक है।

ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है। ED की जांच में सामने आया कि विधायक K. C. वीरेन्द्र ने “King567” और “Raja567” जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया था। इन प्लेटफार्मों के जरिए देशभर से खिलाड़ियों का पैसा इकट्ठा किया जाता था और फिर जटिल वित्तीय जाल बिछाकर उसे ‘म्यूल अकाउंट्स’ व शेल कंपनियों के जरिये घुमाया जाता था। इसी पैसे को बाद में सोने, संपत्तियों और विदेशों में कैसीनो के अधिकारों में निवेश किया गया।

कई चरणों में हुई कार्रवाई

ED की यह कार्रवाई एक दिन की नहीं थी। पहले दौर की छापेमारी में ही भारी मात्रा में सोना-चांदी और नकदी बरामद हो चुकी थी। उसके बाद जांच के दूसरे चरण में टीम को और कई बैंक खातों, लॉकरों और अचल संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली। इन ठिकानों से करोड़ों की कीमत के दस्तावेज और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तारियां और राजनीतिक हलचल

ED ने विधायक को अगस्त 2025 में गिरफ्तार किया था और उन पर सट्टेबाजी व मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया। इस पूरे प्रकरण ने कर्नाटक कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को “भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण” बताया है और सरकार से विधायक की बर्खास्तगी की मांग की है।

हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा

ED द्वारा जारी समन को लेकर मामला कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुंच गया, जहां अदालत ने वकील अनिल गोडा के खिलाफ जारी समन पर अंतरिम रोक लगा दी है। फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और फंडिंग के स्रोतों की पड़ताल कर रही है।

कर्नाटक में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। एक तरफ कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है, वहीं विपक्ष इसे “जनता के पैसे की लूट” बताकर सरकार पर हमलावर है।


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⏩ फोटो स्त्रोत. वरिष्ठ पत्रकार मेघा तिवारी छत्तीसगढ़ के सोशल मीडिया पोस्ट से


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