फूड विभाग के छापे के डर से मिठाई की दुकाने बंद :बड़े पैमाने पर मिलावट की आशंका..

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बस्ती में फूड विभाग की कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में हड़कंप, दीपावली पर मिलावटी मिठाइयों का बड़ा खेल बेनकाब

NGV PRAKASH NEWS | बस्ती | 17 अक्टूबर 2025

दीपावली के नजदीक आते ही बस्ती जिले में मिठाइयों की दुकानों पर अचानक सन्नाटा पसर गया। फूड विभाग की लगातार छापेमारी से घबराकर कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर लीं। बाजारों में जहां कुछ दिन पहले तक चमचमाती और रंग-बिरंगी मिठाइयां सजी नजर आ रही थीं, वहीं अब अधिकांश दुकानें ताले में जकड़ी दिख रही हैं। विभाग को आशंका है कि बड़े पैमाने पर मिलावटी और केमिकल युक्त मिठाइयां बेची जाने की तैयारी थी।

🧪 ग्रामीण इलाकों की नामी दुकानों पर भी पड़ा असर

फूड विभाग की कार्रवाई का असर सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहा। कई ग्रामीण क्षेत्रों की चर्चित मिठाई दुकानों ने भी विभाग की सख्ती के बाद अपने शटर गिरा दिए। माना जा रहा है कि यहां नकली खोवा, पनीर और छेना से बनी मिठाइयों की सप्लाई की जा रही थी, जिन्हें दीपावली से पहले धड़ल्ले से बाजार में उतारने की योजना थी।

🏪 त्योहारों में ‘मौसमी दुकानदारों’ का खेल

हर साल त्योहारों के मौसम में कुछ ऐसे दुकानदार भी सक्रिय हो जाते हैं जिनका पूरे साल मिठाई के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं होता। यह लोग अस्थायी दुकानें लगाकर सस्ती और मिलावटी मिठाइयों को ऊंचे दामों पर बेचते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसमी दुकानदारों पर सबसे पहले फूड विभाग की सख्त नजर होनी चाहिए, क्योंकि यहीं से अक्सर मिलावटी सामान की सबसे बड़ी खेप पकड़ी जाती है।

🚨 छेना को जमींदोज करने की कार्रवाई जारी

पिछले तीन-चार दिनों से फूड विभाग की टीम जिलेभर में लगातार छापेमारी कर रही है। अब तक बड़े पैमाने पर नकली छैना को नष्ट किया जा चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, त्योहारों के मद्देनज़र आने वाले दिनों में जांच और भी तेज की जाएगी ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो सके।


बस्ती जिले में फूड विभाग की सख्ती से यह साफ हो गया है कि प्रशासन मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। अब देखना यह होगा कि दीपावली से पहले और कौन-कौन से बड़े चेहरे इस कार्रवाई की जद में आते हैं।

👉 वहीं सूत्रों के अनुसार हर महीने प्रत्येक दुकान से दुकान के हिसाब से विभाग को भेंट दिया जाता है | उसके अलावा त्योहार पर अलग से चार अंक का चढ़ावा जाता है |

👉 गली मोहल्ले में छाए हुए बंगाली मिठाई की दुकानों पर मिलने वाला छेना पूरी तरह से पाउडर और केमिकल द्वारा बनाया जाता है..

⏩ विशेषज्ञों के अनुसार केमिकल युक्त नकली मिठाइयां खाने से फूड प्वाइजनिंग, पेट में इन्फेक्शन, एलर्जी तथा अन्य कई प्रकार की बीमारियां हो सकती है तथा कुछ केमिकल द्वारा कैंसर जैसी इलाज बीमारी भी हो सकती है |


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