कॉलेज के टॉयलेट में छात्रा से दुष्कर्म:पूछा अबार्शन पिल तो नहीं चाहिए…

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बेंगलुरु: कॉलेज टॉयलेट में छात्रा से दुष्कर्म, आरोपी ने घटना के बाद पूछा—“अबॉर्शन पिल तो नहीं चाहिए?”

NGV PRAKASH NEWS | बेंगलुरु | 17 अक्टूबर 2025

बेंगलुरु के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में हैवानियत की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 21 वर्षीय छात्र ने अपनी ही सहपाठी को कॉलेज के टॉयलेट में खींचकर दुष्कर्म किया। घटना 10 अक्टूबर की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा करीब पांच दिन बाद हुआ, जब पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

🧠 आरोपी और पीड़िता सहपाठी, टॉयलेट में की दरिंदगी

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी जीवन गौड़ा छठे सेमेस्टर में पढ़ता है जबकि पीड़िता सातवें सेमेस्टर की छात्रा है। घटना वाले दिन सुबह पीड़िता अपनी कुछ चीज़ें लेने के लिए जीवन से मिली थी। दोपहर में लंच के दौरान आरोपी ने कई बार कॉल कर उसे आर्किटेक्चर ब्लॉक की सातवीं मंजिल पर बुलाया।

जब वह वहां पहुंची तो आरोपी ने जबरन उसे चूमने की कोशिश की। विरोध करने पर वह लिफ्ट से नीचे उतरने लगी, लेकिन आरोपी छठी मंजिल तक उसका पीछा करता हुआ आया और जबरन उसे पुरुषों के शौचालय में खींच ले गया। वहां उसने दरवाजा अंदर से बंद कर दुष्कर्म किया। घटना दोपहर 1:30 से 1:50 बजे के बीच हुई बताई गई है।

घटना के दौरान जब पीड़िता का फोन बजा तो आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया, ताकि वह मदद न बुला सके।

📞 “पिल चाहिए?”—आरोपी का घिनौना सवाल

रेप के बाद पीड़िता सदमे में थी। उसने दो दोस्तों को घटना की जानकारी दी। एफआईआर में दर्ज है कि कुछ समय बाद आरोपी ने पीड़िता को फोन कर पूछा—“क्या तुम्हें अबॉर्शन पिल चाहिए?”। इस सवाल से उसकी मंशा और स्पष्ट हो गई।

मानसिक रूप से डरी हुई पीड़िता तुरंत शिकायत दर्ज नहीं करा सकी। बाद में उसने माता-पिता को बताया और उनके साथ 15 अक्टूबर को हनुमंतनगर थाने में औपचारिक शिकायत दी।

🔍 जांच में CCTV की कमी से मुश्किलें

पुलिस जांच में सामने आया कि जिस मंजिल पर यह घटना हुई, वहां कोई CCTV कैमरा नहीं लगा था, जिससे सबूत जुटाने में कठिनाइयां आ रही हैं। हालांकि, फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार के लिए दंड) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराज़गी है।

⚖️ राज्य में कानून-व्यवस्था पर उठा सियासी तूफान

यह घटना सामने आने के बाद कर्नाटक में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,

“कर्नाटक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। पिछले चार महीनों में 979 यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। सिर्फ बेंगलुरु में ही 114 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं। महिलाएं और बच्चे डर के साए में जी रहे हैं।”

आर. अशोक ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पत्र लिखकर एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती।


यह घटना न केवल कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि पीड़िताओं को न्याय के लिए किस मानसिक संघर्ष से गुजरना पड़ता है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।


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