शुरू होने वाला है SIR का दूसरा चरण: तैयार रखें यह दस्तावेज अन्यथा कट सकता है नाम..

NGV PRAKASH NEWS

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2025

चुनाव आयोग ने रविवार को विशेष सारांश पुनरीक्षण (Special Summary Revision – SIR) के दूसरे चरण का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। बिहार में पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दूसरे चरण में देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। इन राज्यों में अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुड्डुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जरूरी दस्तावेज

चुनाव आयोग ने इस बार SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेजों की सूची भी जारी की है। मतदाता को अपने बीएलओ (BLO) को इनमें से किसी भी मान्य दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा। जो नागरिक ये दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे, उनके नाम का नई मतदाता सूची में शामिल होना मुश्किल हो सकता है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है —

  • केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पेंशन पेमेंट ऑर्डर
  • सरकारी या स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी द्वारा जारी सर्टिफिकेट
  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
  • पासपोर्ट
  • शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Educational Certificate)
  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence Certificate)
  • वन अधिकार प्रमाण पत्र (Forest Right Certificate)
  • जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
  • एनआरसी (NRC) से संबंधित दस्तावेज
  • राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार फैमिली रजिस्टर
  • जमीन या घर के आवंटन से संबंधित प्रमाण पत्र

इन दस्तावेजों के आधार पर ही मतदाता की पहचान और निवास की पुष्टि की जाएगी।

SIR-2025 का पूरा शेड्यूल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, SIR के दूसरे चरण की प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से औपचारिक रूप से शुरू होगी। इस चरण में प्रिंटिंग और प्रशिक्षण कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक चलाया जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी एकत्र की जाएगी

मतदाता सूची का ड्राफ्ट संस्करण 9 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को ड्राफ्ट सूची में नाम, पता या अन्य विवरण को लेकर आपत्ति या सुधार का दावा करना है, तो 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक वह आवेदन कर सकेगा।

इसके पश्चात 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया चलेगी। अंततः सभी चरणों को पूरा करने के बाद 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाएगी, बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम, पते और अन्य विवरण की जांच अवश्य करें और यदि आवश्यक हो तो समय पर संशोधन के लिए आवेदन करें।

सभी संबंधित राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में बीएलओ टीमें तैयार कर दी गई हैं। आयोग का लक्ष्य है कि 2026 की शुरुआत तक देश की मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन रूप में उपलब्ध हो जाए।

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