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लालगंज थाना क्षेत्र में सरकारी गड़ही पर अवैध कब्जा — ग्राम प्रधान और सचिव पर मिलीभगत के आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कड़ी कार्रवाई की मांग
बस्ती, 29 अक्टूबर 2025 | NGV PRAKASH NEWS
जनपद बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा मेहनौना के कटाईजोत पुरवा में सरकारी अभिलेखों में दर्ज जलमग्न भूमि (गड़ही) पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कब्जा ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की सह पर हुआ है, जबकि सरकार का स्पष्ट निर्देश हैं कि ग्राम सभा की सीमा में आने वाली गड़ही, पोखरा, चारागाह, नाला या जल निकासी की भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा या निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।
सरकारी आदेशों और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, ग्राम समाज की संपत्ति पर कोई भी व्यक्ति न तो कब्जा कर सकता है और न ही उसका पट्टा कराया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था ऐसा करती है तो प्रशासन को तत्काल कब्जा हटाने और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है। इसके बावजूद ग्राम स्तर पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर कब्जे के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे शासन की नीतियों और कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
कटाईजोत पुरवा के ग्रामीणों के अनुसार, अभिलेखों में दर्ज गड़ही संख्या 25 का कुल क्षेत्रफल लगभग 81 एयर है, परंतु अब यह घटकर मात्र 15 से 20 एयर तक सीमित रह गया है। आरोप है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने गड़ही की भूमि पर मिट्टी भरकर पटाई कर दी और स्थायी निर्माण भी कर लिया। जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो आरोपियों ने झगड़ा और मारपीट तक की नौबत ला दी।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इसी जलमग्न भूमि में पूरे कटाईजोत पुरवा के घरों का पानी निकलता है, जिससे यह भूमि प्राकृतिक जल निकासी का मुख्य स्रोत है। इसके बावजूद ग्राम सभा द्वारा बिना किसी प्रशासनिक संस्तुति के यहां खड़ंजा निर्माण करा दिया गया और सरकारी कार्ययोजना में लाकर उसका लाभ भी उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्यवाही नियमों के विपरीत और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है, क्योंकि किसी भी सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य करने के लिए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलमग्न गड़ही को तत्काल अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी ग्राम प्रधान, सचिव और कब्जाधारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
(NGV PRAKASH NEWS)




