खाकी पर दाग : 2 लाख की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी गिरफ्तार..

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लखनऊ में खाकी पर दाग: दो लाख की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी धनंजय सिंह रंगे हाथ गिरफ्तार
लखनऊ, 30 अक्टूबर 2025 | NGV PRAKASH NEWS

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग की छवि पर एक बार फिर भ्रष्टाचार का दाग लग गया है। निशातगंज चौकी प्रभारी धनंजय सिंह को एंटी करप्शन टीम ने दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।


💰 रिश्वत लेकर गैंगरेप आरोपी को बचाने की कोशिश

एंटी करप्शन ब्यूरो के अनुसार, चौकी प्रभारी धनंजय सिंह ने गैंगरेप के एक मामले में आरोपी कोचिंग संचालक का नाम चार्जशीट से हटाने के बदले दो लाख रुपये की मांग की थी।
पीड़ित पक्ष ने इस संदर्भ में एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद टीम ने योजना बनाकर बुधवार को जाल बिछाया और तय स्थान पर चौकी प्रभारी को रिश्वत की रकम लेते ही पकड़ लिया।


🎯 कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम

सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने धनंजय सिंह को रिश्वत की रकम सौंपते ही एंटी करप्शन टीम ने दबिश दी
इस दौरान चौकी प्रभारी ने टीम पर दबाव बनाने और मोबाइल पर फोन लगाकर बचने की कोशिश की, लेकिन टीम पहले से पूरी तरह तैयार थी।
टीम ने मौके से दो लाख रुपये नकद बरामद किए और आरोपी दरोगा को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।


🚨 पुलिस महकमे में हड़कंप

राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग की यह करतूत उजागर होते ही महकमे के आला अधिकारियों में खलबली मच गई है।
एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद आरोपी चौकी प्रभारी को सस्पेंड किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि —

“जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो जनता भरोसा आखिर किस पर करे?”


🗣️ जनता में आक्रोश, प्रशासन सख्त

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने पुलिस विभाग की जवाबदेही और नैतिकता पर सवाल उठाए हैं।
लखनऊ के नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ निलंबन नहीं, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।

इस बीच एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


लखनऊ पुलिस के लिए यह घटना न सिर्फ वर्दी पर दाग, बल्कि जनविश्वास पर भी गहरी चोट के समान है।
अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में कितनी पारदर्शिता और सख्ती से कार्रवाई करता है।

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